सरवानियां महाराज। महिला समूह संचालक द्वारा प्रदेश के हजारों विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक प्रधानमंत्री पूरक पोषण सनिर्माण योजना अंतर्गत विद्यालयोंमें दर्ज छात्रों को प्रतिदिन के मेन्यू अनुसार स्थानीय स्वयं सहायता समूह संचालक की गरीब महिलाओं द्वारा दोपहर का गर्म पका हुआ भोजन प्रदाय किया जा रहा हैजिसमें प्रदेश की लाखों गरीब महिला समूह संचालक एवं रसोइया बहने कार्यरत हैं जो इस योजना का संचालन करते हैंऔर अपने परिवार का भरण पोषण करती हैअगर मध्य प्रदेश शासन के गलत निर्णय अनुसार मशीनों द्वारा विद्यालय मेंभोजन बनाने का कार्य चालू हुआ तो प्रदेश के समूह की लाखों बहने एवं रसोइया बेरोजगार हो जाएगी जबकि एक तरफ शासन महिलाओं के लिए नित नई योजनाएं ला रहे हैं जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेऔर एक तरफ जो कामकाजी महिलाएं हैं उनको इस प्रकार की योजना चला कर बेरोजगार किया जा रहा हैयह न्याय संगत नहीं है दैनिक भास्कर एवं अन्य समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर पहली बार मशीन से बनेगा मिड डे मील के माध्यम से मिली जानकारी के अनुसार महिला स्वयं सहायता समूह संघ मध्य प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती माया - मनोहर बैरागी द्वारा शासन के इस महिला विरोधि निर्णय का विरोध करते हुए बताया है कि जहां-जहां मशीनीकरण हुआ वहां रोजगार के अवसर कम हुएऔर कई गरीब मजदूर बेरोजगार हो गएऔर इस प्रकार की योजना सेप्रदेश की लाखों बहने बेरोजगार हो जाएगीऔर महिला सशक्तिकरणके नाम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनानेके शासन की मंशा कैसे पूर्ण होगीइसलिएइस फैसले पर सरकार से निवेदन हैकी पुन विचार किया जाए और लाखोंबहनों को बेरोजगार होने से बचाया जाए नहीं तो मजबूरन होकर महिलाएं अपने हक अधिकार के लिए सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।