भोपाल। मध्य प्रदेश में धान उपार्जन में घोटाले की शिकायत के बाद ईओडब्ल्यू ने इसकी जांच शुरू कर दी है। कई जिलों के उपार्जन केंद्रों में छापा मारा गया है। इसी सिलसिले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने इसकी सीबीआई जांच करने की मांग की है। साथ ही आशंका जाहिर की है कि यह घोटाला कई सौ करोड़ रुपए का है। जानिए जीतू पटवारी ने पत्र में क्या लिखा?
जीतू पटवारी ने कई सौ करोड़ के घोटाले का जताया संदेह
जीतू पटवारी ने पीएम मोदी को पत्र में लिखा, “मध्य प्रदेश में किसानों के साथ हो रही धोखाधड़ी और व्यापक भ्रष्टाचार को लेकर मैं आपका ध्यान एक बड़े घोटाले की ओर दिलाना चाहता हूं। प्रदेश में धान उपार्जन में बड़े पैमाने पर घोटाला सामने आया है, जिसमें अधिकारियों की मिलीभगत और सरकारी संरक्षण से किसानों के हक पर डाका डाला गया है। यह घोटाला कई सौ करोड़ रुपए का होने का संदेह है, लेकिन राज्य सरकार इसे दबाने का प्रयास कर रही है।”
19,910.53 मैट्रिक टन धान की हेराफेरी के सबूत’
प्रदेश की ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) द्वारा 12 जिलों में की गई छापेमारी में 150 उपार्जन समितियों और 140 वेयरहाउसों में भ्रष्टाचार के प्रमाण सामने हैं। अब तक की जांच में 19,910.53 मैट्रिक टन धान की हेराफेरी के सबूत मिले हैं, जिसकी कीमत लगभग 5 करोड़ रुपए आंकी गई है। सतना के एक वेयरहाउस में तो धान की जगह 535 क्विंटल भूसी पाई गई, जो दर्शाता है कि यह घोटाला कितने सुनियोजित तरीके से किया गया।”
जीतू बोले- भ्रष्टाचार का गढ़ बना मध्य प्रदेश
उन्होंने कहा, “यह पहला अवसर नहीं है जब भाजपा सरकार के संरक्षण में इस तरह का घोटाला हुआ हो। परिवहन घोटाला, महाकाल लोक घोटाला, आदिवासी छात्रवृत्ति घोटाला और अब धान उपार्जन घोटाला, ये दर्शाते हैं कि मध्य प्रदेश भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुका है। सच्चाई यह है कि भाजपा सरकार किसानों को ठगने का काम कर रही है। पहले तो समर्थन मूल्य पर धान खरीद में गड़बड़ी की गई और अब किसानों की उपज को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया। अगर इस घोटाले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह किसानों के साथ घोर अन्याय होगा। “
सीबीआई से जांच कराने की मांग
इस घोटाले में भाजपा की प्रदेश सरकार के प्रभावशाली नेताओं की संलिप्तता के कारण निष्पक्ष जांच की संभावना नहीं है। जैसा कि पहले भी देखा गया है, सरकार अपने कुछ प्यादों पर कार्रवाई कर असली दोषियों को बचाने का प्रयास करती है। इसलिए, हम मांग करते हैं कि इस घोटाले की जांच सीबीआई से करवाई जाए, ताकि असली दोषियों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।