गोपालगंज। राम जानकी मठ में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के हनुमंत कथा का आज यानी शनिवार को तीसरा दिन है। आज बाबा बागेश्वर का दिव्य दरबार भी लग रहा है।
दिव्य दरबार में पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर्ची के जरिए भक्तों को उनकी समस्या का समाधान बताएंगे। दिव्य दरबार के लिए बिहार के अलावे यूपी और नेपाल से भी लोग पहुंच रहे हैं।
50 हजार से ज्यादा लोग अभी ही पंडाल में मौजूद हैं। विदेशी श्रद्धालुओं में यूक्रेन और यूएसएस के भी लोग कथा में पहुंचे हैं। दोपहर 12 बजे से दिव्य दरबार लगेगा।
हिंदू एक साथ हो जाएं तो देशद्रोहियों को भागना पड़ेगा
वहीं शुक्रवार को हनुमंत कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि श्हिंदू अकेला होगा तो भागना पड़ेगा, लेकिन सभी हिंदू एक साथ हो जाएं तो देशद्रोहियों को यहां से भागना पड़ेगा।श्
उन्होंने हिंदुओं को एकजुट करते हुए एकता का महत्व समझाते हुए मधुमक्खी और कुत्ते का उदाहरण दिया। कहा कि श्एक कुत्ता अकेला होने पर भाग जाता है, लेकिन मधुमक्खियां झुंड में होने के कारण इंसान को भागना पड़ता है।
भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग की
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने एक बार फिर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग की। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, श्हम मंदिरों में भीड़, सड़कों पर तूफान चाहते हैं, रामराज से भरा हिंदुस्तान चाहते हैं। जात-पात को छोड़कर जब सारे सनातनी एक होंगे, तभी भारत हिंदू राष्ट्र कहलाएगा।
उन्होंने कहा कि श्लोग बोलते हैं, मैं संविधान के खिलाफ बोलता हूं। मैं संविधान के खिलाफ नहीं हूं। एक हाथ में संविधान, दूसरे में भगवान लिए चलता हूं। संविधान में इतनी बार संशोधन हुआ है। एक बार और संशोधन कर के भारत को हिंदू राष्ट्र बनाया जा सकता है।
कथा के बीच भावुक हुए धीरेंद्र शास्त्री
कथा के बीच में धीरेंद्र शास्त्री भावुक हो गए। अपने पुराने दिन को याद करते हुए उन्होंने कहा, श्हमारे पिता जी को कोई शादी में नहीं बुलाता था। परिवार वाले अपनी शादी के कार्ड में पिताजी का नाम तक नहीं लिखते थे, क्योंकि हम गरीब थे। फटे कपड़े पहनकर चले जाएंगे तो उनकी इज्जत चली जाएगी, लेकिन हमारी मां कहती थीं, श्तुम राम को कभी मत छोड़ना, हमारे दिन भी आएंगे। हमारे जैसे साधारण इंसान पर जब भगवान राम की कृपा हो सकती है, तो आप भी राम के चरण पकड़ लें।