इंदौर। कांग्रेस के पूर्व विधायक अश्विन जोशी ने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को पागल और महापौर भार्गव को को गधा बताया। ये बात उन्होंने कांग्रेस के धरना प्रदर्शन के दौरान अपने भाषण में कही। इसके बाद राजनैतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। अश्विन जोशी के बयान पर भाजपा नगर अध्यक्ष ने पलटवार किया और कहा कि अश्विन जोशी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
इधर, भाजपा युवा मोर्चा जोशी के बयान से आहत है। युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे अश्विन जोशी का पुतला गधे पर बैठाकर पागलखाने में भर्ती कराएंगे। वहीं कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने भी कैबिनेट मंत्री विजयवर्गीय के होली को लेकर दिए बयान पर निशाना साधा है।
पूर्व विधायक ने विजयवर्गीय को कहा पागल, महापौर को गधा बताया
इंदौर में कांग्रेस के एक प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक अश्विन जोशी ने अपने भाषण में कैलाश विजयवर्गीय को पागल तो महापौर पुष्यमित्र भार्गव को गधा बता दिया। जोशी ने अपने भाषण में कहा कि इंदौर की जनता ने एक पढ़े लिखे महापौर को चुना, लेकिन वह किसी काम के नहीं है। शायद आने वाले चुनाव में लोग शिक्षित आदमी को वोट नहीं देंगे। पूर्व विधायक के इस भाषण पर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी कहा कि उन्हें भाषा का ध्यान रखना चाहिए।
अश्विन जोशी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं - नगर अध्यक्ष
इधर, बीजेपी नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने इस पर बयान देते हुए कहा कि अश्विन जोशी सहानुभूति के पात्र है। वे पहले अपने बेटे की उम्र के हमारे साथी आकाश विजयवर्गीय से चुनाव हार गए। ये सोनिया गांधी, राहुल गांधी के पैर पकड़ने के बाद भी टिकट नहीं ला पाए, तो उसके कारण उनका मानसिक स्तर थोड़ा खराब हुआ है। इसलिए वे इस प्रकार की अमर्यादित भाषा का उपयोग कर रहे है।
मुझे लगता है कि आप सभी को भी इसकी जानकारी है कि वे समय-समय पर इस प्रकार की उल जलूल बाते करते है। इसलिए कांग्रेस के कई नेता यह कह चुके है कि अश्विन जोशी का दिमागी संतुलन ठीक नहीं है। गधे जैसे काम खुद ही कर रहे है इस प्रकार की भाषा बोलकर। वे शहर अध्यक्ष के लिए प्रयास कर रहे है मैं कांग्रेस के नेताओं से आग्रह करुंगा वे किसी भी पागल और गंधे टाइप के व्यक्ति को शहर अध्यक्ष ना बनाए। भाजपा युवा मोर्चा के साथियों ने कहा कि अश्विन जोशी के पुतले को गधे पर बैठाकर पागलखाने में भर्ती कराए। वहीं विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि भाषा का ध्यान रखना चाहिए। उनको पागलखाने में इलाज की जरूरत है। उनके परिजनों को उपचार के लिए अवगत कराएंगे।
बंबई बाजार, चंदन नगर में जाकर होली खेले विजयवर्गीय
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर कांग्रेस के पूर्व विधायक मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा पहले भय व्याप्त कर लो, पहले खूब डरा दो। भय व्याप्त करने के बाद अब कैलाश बाबू बोल रहे है कि आओ होली खेलो। मैं समझता हूं कोई मुस्लिम भाई इनकी बातों पर ध्यान नहीं देगा। यदि इमानदार सांप्रदायिकता को परे रखकर उनके मोहल्लों में जाकर उनके घर बैठो वहां उनके साथ होली खेलो। तब हम समझेंगे की तुम्हारा मंतव्य ठीक है।
सज्जन वर्मा मंत्री प्रह्लाद पटेल के बयान के खिलाफ कांग्रेस के धरना प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय के सवाल पर उन्होंने पटलवार किया। वृंदावन में होली के सवाल पर सज्जन वर्मा ने कहा कि उस समय पाखंडी राजनेता नहीं होते थे, जो जाति-पाती का भेद करके एक-दूसरे को लड़ाते थे। उस समय समाज एक था, भारत और भावनाएं एक थी। अगर कैलाश विजयवर्गीय को इतना लाड़ आ रहा है तो मुस्लिम भाईयों के साथ होली खेलने के लिए बंबई बाजार, चंदन नगर, आजाद नगर चले गए और वहां उनके साथ होली खेल आओ।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ये दिया था ये बयान
दरअसल, शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ इंदौर में छावा मूवी देखने मंगल सिटी मॉल गए थे। इसके पहले उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा था कि मुस्लिम भाइयों को बड़ा दिल रखना चाहिए। जुमे की नमाज हर शुक्रवार आती है। होली तो साल में एक बार आती है। इसलिए वे भी हमारे साथ होली मनाएं। ये इस्लाम के विरुद्ध नहीं है। विजयवर्गीय ने ये भी कहा था कि हमारे यहां गंगा-जमुनी संस्कृति रही है। एक-दूसरे को गुलाल लगाते आ रहे हैं। अब पता नहीं कहां से कट्टरवाद आकर यहां पर मुस्लिम भाइयों में भ्रम पैदा कर रहा है। मैं तो अपने मुस्लिम भाइयों से भी कहना चाहता हूं कि अपने पूर्वज कौन थे। इसका जरा पता लगाएं। आपके पूर्वजों ने वृंदावन में कृष्ण के साथ होली खेली है। इस बात को ध्यान में रखें।