भोपाल। प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने और अगले दो साल में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन को मॉडल इलेक्ट्रिक सिटी के रूप में डेवलप करने के फैसले के बाद मोहन सरकार ने चार्जिंग स्टेशन के लिए नए नियम तय कर दिए हैं। इसके लिए भूमि की उपलब्धता और इलेक्ट्रिकल व्हीकल चार्जिंग एवं सर्विस सेंटर के लिए नोटिफाइड एरिया तय कर दिए गए हैं।
भूमि विकास नियमों में बदलाव करते हुए जारी नियमों में कहा गया है कि शहरों में 25 किमी की दूरी पर जनसंख्या के आधार पर चार्जिंग स्टेशन खोले जा सकेंगे। इसमें तय हुआ है कि करीब 800 वर्गफीट (74.5 वर्गमीटर) एरिया में सार्वजनिक चार्जिंग सेंटर बनाए जा सकेंगे।
नगरीय विकास और आवास विभाग ने नगर व ग्राम निवेश अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियमों में संशोधन कर दिया है। इसमें कहा गया है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) चार्जिंग और सर्विस सेंटर के लिए विकास मानदंड तय किए गए हैं। इन नियमों में चार्जिंग स्टेशन और सर्विस सेंटर खोलने और चार्जिंग की व्यवस्था से संबंधित प्रावधान तय किए गए हैं।