जंनोद। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत जंनोद को आदर्श महिला हितैषी ग्राम के रूप में चिन्हित कर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, उनके अधिकारों और उपलब्धियों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में जनपद पंचायत मनासा से नोडल अधिकारी विजय विजयवर्गीय, सचिव मदन लाल गुर्जर, सहायक सचिव कैलाश मुजावड़िया, जनपद सदस्य प्रतिनिधि राधेश्याम कमांडर, ग्राम पंचायत जंनोद की सरपंच दिलखुश अहिरवार, पटवारी अरुण मेघवाल सहित कई गणमान्य नागरिक मंचासीन रहे।
महिलाओं के अधिकार और उनकी शक्ति पर जोर-
ग्राम पंचायत जंनोद की सरपंच दिलखुश अहिरवार ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। महिला सशक्तिकरण केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक अभियान है, जो समाज की हर बेटी, बहन और माँ को आगे बढ़ाने का संकल्प लेता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में अपनी पहचान स्थापित कर सकें।
जनपद सदस्य प्रतिनिधि राधेश्याम कमांडर ने कहा कि महिलाओं का सम्मान केवल एक दिन का विषय नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर प्रक्रिया होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ष्महिलाएँ हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। वे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, आईएएस और आईपीएस बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रही हैं। हमें हर दिन उनके योगदान को सराहना चाहिए और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।जनपद पंचायत मनासा से आये नोडल अधिकारी विजय विजयवर्गीय ने महिलाओं की शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे आज किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। उन्होंने कहा, ष्समाज में महिलाओं की स्थिति को और सशक्त बनाने की आवश्यकता है। शिक्षा और आत्मनिर्भरता ही वह माध्यम हैं, जिनसे महिलाएँ अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं।
ग्राम की बुजुर्ग महिलाओं का सम्मान-
इस गरिमामय अवसर पर गाँव की बुजुर्ग महिलाओं का विशेष रूप से सम्मान किया गया। उनके अनुभव और योगदान को सरपंच महोदया द्वारा सराहा गया। कार्यक्रम में महिलाओं के लिए प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें उन्हें उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई। ग्राम पंचायत जंनोद की सरपंच दिलखुश अहिरवार के उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हें दिल्ली में भी सम्मानित किया जा चुका है। उनके नेतृत्व में ग्राम पंचायत महिला सशक्तिकरण की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। कार्यक्रम का समापन महिलाओं की प्रगति और सशक्तिकरण के संकल्प के साथ किया गया, जिससे समाज में महिला उत्थान की एक नई प्रेरणा जागृत हुई।