चित्तौड़गढ़। ब्रह्मा कुमारी सेवा केंद्र प्रतापनगर पर महिला दिवस पर कार्यक्रम के अंतर्गत मूल्य निष्ठा स्वस्थ सुखी समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका विषय पर चर्चा हुई। राजयोगिनी आशा दीदी ने बताया कि जब मेडिटेशन कर परमात्मा शक्तियों की ऊर्जा मिलती है तो प्रत्येक नारी सशक्त एवं दीप स्तंभ बन जाती है, और अपने सद्गुणों को विकसित कर परिवार समाज व देश का कल्याण कर सकेगी। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व शिक्षा अधिकारी कल्याणी दीक्षित ने कहा महिलाएं थोड़ा समय निकालकर स्वयं की सेहत व मन का ध्यान रखें तो तनाव मुक्त खुशनुमा जीवन से परिवार व समाज का भी ध्यान रख सकेगी। चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति प्रमुख देवेंद्र कंवर ने भी अपने अनुभवी जीवन से अवगत कराया। पतंजलि अध्यक्ष बहन सरस्वती शर्मा ने अपने विचारों से बहनों को प्रेरित किया। राजयोगिनी आशा दीदी ने बताया कि ब्रह्माकुमारी अंतर्राष्ट्रीय नारी सशक्तिकरण और महिला उत्थान का अनूठा उदाहरण है । ब्रह्माकुमारी संगठन सेवा केंद्र से प्रभारी से लेकर मुखिया तक महिलाओं के हाथ में है। ब्रह्माकुमारी संस्था की स्थापना 1937 में हुई 140 देश में कार्यरत है और 50 लाख से अधिक ब्रह्माकुमारी बहने समर्पित है 2 लाख से भी ज्यादा बाल ब्रह्मचारी युवा सदस्य है 20 लाख से ज्यादा नियमित विद्यार्थी है। उन्होंने बताया कि 20 वर्गों के माध्यम से सभी वर्गों की सेवा हो रही है नारी नरक का द्वारा नहीं सर का ताज है, नारी अबला नहीं सबला है शक्ति स्वरुप है। नारी के उत्थान के संकल्प के साथ उसे समाज में खोया सम्मान दिलाने वाली है ,भारत माता वंदे मातरम की गाथा को चरितार्थ करता है। 1937 से ब्रह्मा कुमारीज के संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने नारी सशक्तिकरण की नींव रखी और नारी उत्थान को लेकर दृढ़ संकल्प किया। उन्होंने अपनी जमीन जायदाद बेचकर ट्रस्ट बनाया और संस्था की जिम्मेवारी नारियों को सौंप दी, 1950 में संस्थान का अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू बनाया गया और ओम मंडली नाम बदलकर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय नाम दिया गया। दुनिया का एकमात्र और सबसे बड़ा संगठन ब्रह्माकुमारी नारी शक्ति द्वारा संचालित है नारी शक्ति ने साबित कर दिखाया कि उसे मौका मिले तो बेहतर कार्य कर सकती है। इसमें राजयोग ध्यान द्वारा कमाल किया जा सकता है जिससे नशा मुक्त जीवन, तनाव मुक्त जीवन, खुशहाल परिवार हो रहे हैं, राजयोग से ही मन का प्रदूषण दूर होकर आध्यात्मिक ऊर्जा दिव्य शक्ति शरीर की मालिक चौतन्य आत्मा हूं यह विचार शक्ति से सारी चिंता और समस्याएं प्रभु अर्पण कर अपने कर्मों में श्रेष्ठ आती है। इस मौके पर आशा दीदी का सम्मान किया गया और सभी मातृशक्ति को सम्मानित किया गया।