शहडोल। जिले के पपौंध क्षेत्र में मध्य प्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा प्रस्तावित हिरवार माइक्रो सिंचाई परियोजना अब तक अधूरी पड़ी है। इस परियोजना के तहत 7,481 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लक्ष्य रखा गया था, जिससे 37 गांवों को लाभ मिलना था। सरकार ने इस योजना के लिए 106.41 करोड़ रुपये की लागत तय की थी। योजना का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था, लेकिन लगभग 2 साल बीतने के बावजूद किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया वहीं अधिकारियों द्वारा वोल्टेज की कमी का राग अलपा जा रहा है।
सिंचाई सुविधा न मिलने से क्षेत्र के किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। कई बार ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर अपनी आवाज उठाई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।