नीमच। आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई अब केवल भाषणों तक सीमित नहीं रही। यह अब निर्णायक कार्रवाई का युग है। हालिया ऑपरेशन सिंदूर इसका जीता-जागता उदाहरण है, जहाँ हमारी सेना ने आतंकवादियों के मंसूबों को चूर-चूर कर दिया और यह साबित कर दिया कि भारत की सुरक्षा अब अटूट है। इस ऑपरेशन में आतंकियों को उसी ज़मीन पर मारा गया जहाँ वे छिपे थे - यह सिर्फ़ एक जवाब नहीं, एक चेतावनी थी। भारत अब आतंक का सिर्फ़ प्रतिकार नहीं करता, उसे जड़ से मिटाने का संकल्प ले चुका है।
और यही नहीं हमें यह गर्व से कहना चाहिए कि भारत की धरती पर आज तक कोई आतंकवादी हमला सफल नहीं हो पाएगा, क्योंकि हमारी भारतीय सेना इतनी बहादुर, सतर्क और सक्षम है, कि उसने हर बार दुश्मन को सीमा पार ही रोक दिया जाएगा हमारी सीमाओं की सुरक्षा दीवार इतनी मजबूत है कि आतंकवादियों को घुसपैठ करने का मौका ही नहीं मिलेगा। जब भी आतंकवाद कोशिश करेंगे उनको उनकी औकात याद दिला दी जाएगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने कड़ा संदेश दिया है-
भारत अब ना ही झेलेगा, ना ही सहेगा। अब हर गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा। जहाँ पाकिस्तान की पहचान आतंक का पालक और विश्वासघात का प्रतीक बन चुकी है, वहीं भारत दुनिया की नजरों में शांति, शक्ति और संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा है। दुनिया के तमाम बड़े देश आज भारत के साथ हैं, जबकि पाकिस्तान के साथ खड़े होने को कोई तैयार नहीं क्योंकि सब उसकी नीयत और नियति को पहचान चुके हैं।
भारत को चाहिए कि वह शांति की पहल उसी के साथ करे जो ईमानदार संवाद चाहता हो। पाकिस्तान जैसे देश से केवल सख़्ती की भाषा में ही बात करनी चाहिए। ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ़ एक सैन्य मिशन नहीं, भारत की उस मानसिकता का प्रतीक है जो अब हर बलिदान का जवाब पूरी ताक़त से देती है।
हमें हमारी सेना पर गर्व है-
जो दिन-रात हमारी रक्षा करती है, जिससे भारत की धरती आतंकियों के लिए कब्रगाह बन गई है। भारत न कभी झुका है, न झुकेगा।