उज्जैन। बिछड़ोद गांव में लव जिहाद के मामले में अश्लील फोटो-वीडियो और चौट के जरिए लड़कियों को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने वाले 6 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। ग्रामीण आरोपियों के घर तोड़ने की मांग को लेकर कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
गुरुवार को ग्रामीणों ने सकल हिंदू समाज के साथ मिलकर उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लगी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद है।
6 मई को बिछड़ोद गांव की एक लड़की का मुस्लिम युवक के साथ वीडियो वायरल हुआ था, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने फरमान नाम के युवक और एक अन्य को पकड़कर उनके मोबाइल की जांच की, जिसमें गांव की लड़कियों के अश्लील फोटो-वीडियो और कॉल रिकॉर्डिंग मिली।
इसके बाद ग्रामीणों ने फरमान को घट्टिया थाना पुलिस के हवाले कर दिया और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इसके विरोध में गांव पूरी तरह बंद रखा। इस दौरान हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता भी पहुंच गए। गुस्साए ग्रामीणों ने मुख्य आरोपी के घर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। बाद में पुलिस ने सभी 6 आरोपियों का जुलूस निकाला।जुलूस के बाद भी ग्रामीणों की मांग थी कि आरोपियों के मकान तोड़े जाएं। बीते सप्ताह सकल हिंदू समाज के साथ ग्रामीणों ने बिछड़ोद बंद रखा। मांगें न माने जाने पर गुरुवार को नजरपुर में उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया गया। डेढ़ घंटे से जारी चक्का जाम के कारण मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को संभालने के लिए एसडीएम राजाराम करजरे, सीएसपी भारत सिंह यादव, तहसीलदार जीवन मोघी सहित भारी पुलिस बल तैनात किया गया। एसडीएम ने ग्रामीणों को समझाया कि अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट की नई गाइडलाइन जारी हुई है, और उसी के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।