मंदसौर। उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा बताया गया कि पीपीआर बकरी एवं भेड़ में होने वाली एक विषाणु जनित बीमारी है जो कि पेरामिक्सो वायरस द्वारा फैलती है। इसलिए इसे बकरियों की महामारी या बकरी प्लेग भी कहा जाता है। यह बीमारी हवा के माध्यम से एक पशु से दूसरे पशु में फैलती है। इस बीमारी में मृत्युदर 50-80 प्रतिशत है।
लक्षण- तेज बुखार, मुँह में दुर्गध आना, होंठो में सुजन एवं छाले, आँख एवं नाक से चिपचिपा स्त्राव आँख खोलने एवं सास लेने में कठिनाई होती है, दस्त, कभी कभी दस्त में रक्त आता है, निमोनिया, गर्भपात।
पीपीआर बीमारी के बचाव हेतु टीकाकरण ही प्रभावी उपचार है। जिले में 28 मई 2025 से 27 जुन 2025 तक बकरी एवं भेड़ में पी पी आर बीमारी का टीकाकरण किया जायेगा अतः पशुपालको से अनुरोध है कि निकटस्थ पशु चिकित्सा संस्था से सपर्क करके अपने 3 माह के उपर के पशुओं में टीकाकरण करवाए।