जावद। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शुभा रिछारिया दीक्षित, जावद द्वारा महिला से पुलिस कार्रवाई कराने के नाम पर 1,52,000 रुपये की ठगी करने वाले आरोपी श्यामसिंह पिता परथेसिंह राजपूत (उम्र 53 वर्ष), निवासी ग्राम चीताखेड़ा, जिला नीमच को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के अंतर्गत 1 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
शासन की ओर से मामले की पैरवी कर रहे एडीपीओ योगेश कुमार तिवारी ने बताया कि 31 जनवरी 2024 को फरियादिया शिमला ने थाना रतनगढ़ में एक आवेदन दिया था। आवेदन के अनुसार, वह अपने काका ससुर के पोते से विवाद की रिपोर्ट दर्ज कराने अपनी ननद ममता के साथ नीमच कोर्ट गई थी, जहां उसकी मुलाकात आरोपी श्यामसिंह से हुई। ननद ममता आरोपी को पहले से जानती थी।
आरोपी ने फरियादिया का आवेदन टाइप करवाकर महिला थाने में जमा करवाया और स्वयं को प्रभावशाली बताते हुए एसपी ऑफिस ले गया। वहां से बाहर आकर उसने कहा कि आवेदन पर कार्रवाई के लिए 5000 रुपये देने होंगे। फरियादिया ने उसे रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपी ने समय-समय पर और भी रुपये मांगे। फरियादिया ने विश्वास में आकर नगद, बैंक से राशि निकालकर और यहां तक कि मंगलसूत्र गिरवी रखकर कुल 1,52,000 आरोपी को नगद व फोनपे के माध्यम से दिए।
पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर फरियादिया ने थाना रतनगढ़ में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया और जांच उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने फरियादिया सहित सभी गवाहों के बयान प्रस्तुत कर आरोपी के छलपूर्ण कृत्य को संदेह से परे साबित किया। इसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।