भोपाल। पॉलिटेक्निक कोर्स करने वाले विद्यार्थी अब कॉलेजों में अपनी पसंद के कोर्सेस में एडमिशन ले सकेंगे। इसके लिए 12वीं की अनिवार्यता खत्म करने पर विचार किया जा रहा है। तकनीकी शिक्षा विभाग ने एक प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है, जिसके तहत अब ऐसे विद्यार्थियों को सीधे बीए, बीकॉम करने का मौका मिल सकेगा।
पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एडमिशन की न्यूनतम अर्हता दसवीं है। इस कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी हाई स्कूल के बाद ही पॉलिटेक्निक कोर्स करते हैं। तीन साल के डिप्लोमा कोर्स के बाद इंजीनियरिंग में लैटरल एंट्री प्रक्रिया से एडमिशन हो जाता है। विभाग के अफसरों के अनुसार तकनीकी शिक्षा विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें पॉलिटेक्निक को बारहवीं के समकक्ष माना जाएगा।
इससे बढ़ेगा रुझान
शिक्षाविद् डॉ. जयंतीलाल भंडारी बताते हैं, पॉलिटेक्निक कोर्सेस की हर ब्रांच में काफी अच्छे प्लेसमेंट हो रहे हैं। ग्रेजुएशन में सिर्फ इंजीनियरिंग का विकल्प मिलने के कारण कम बच्चे ये कोर्स करते हैं। पॉलिटेक्निक डिप्लोमा को बारहवीं के समकक्ष मान्यता मिलती है तो इन कोर्सेस के प्रति और रुझान बढ़ेगा।