दतिया। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को दर्जनों महिलाएं सरकार की मेकेनाइज्ड सेंट्रल किचन योजना के खिलाफ जुटीं। प्रांतीय महिला स्व-सहायता समूह महासंघ के नेतृत्व में महिलाओं ने नारेबाजी की- ष्हम अपना हक मांगते हैं, नहीं किसी से भीख मांगते।?
इसके बाद महिलाओं ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि योजना वापस नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
रोजगार जाने का डर
महिलाओं का कहना है कि अभी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने का काम महिला स्व-सहायता समूहों के पास है। इससे हजारों महिलाओं को रोज़गार मिला हुआ है। सेंट्रल किचन योजना लागू होने से ये काम मशीनों से होगा और महिलाओं का रोजगार छिन जाएगा।
भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल
महिलाओं ने कहा कि दूर से आने वाला खाना न ताजा रहेगा और न उसकी गुणवत्ता की गारंटी होगी। मशीनों से खाना बनने से पारदर्शिता और जवाबदेही खत्म होगी। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ेगा।
महासंघ ने सरकार से तीन प्रमुख मांगे रखीं
प्रस्तावित मेकेनाइज्ड किचन योजना को तुरंत रद्द किया जाए।
मौजूदा महिला समूहों को और मजबूत किया जाए।
किसी भी नीति में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।