चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) चित्तौड़गढ़ महेन्द्र सिंह सिसोदिया के निर्देशानुसार सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) सुनील कुमार गोयल द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ एवं नशा मुक्ति केंद्र सुख सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में नशीली दवाओं के दुरूपयोग और अवैद्य तस्करी के खिलाफ अन्तर्राष्ट्रीय दिवस पर विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। सचिव गोयल ने उपस्थित जन को बताया कि नशे एवं मादक पदार्थों के सेवन से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को क्षति होती है अपितु नशा एवं मादक पदार्थों का सेवन करने वाले व्यक्ति को समाज में भी हेय की दृष्टि से देखा जाता है। अतः हमें नशे एवं मादक पदार्थों का सेवन न स्वयं करना चाहिए और न ही अन्य किसी को करने देना चाहिए ताकि हम एक आदर्श एवं विकासशील राष्ट्र का निर्माण कर सकें। साथ ही साथ उपस्थित जन को नशा एवं मादक पदार्थों का सेवन न करने की शपथ दिलाई गई तथा लोगों को नशा एवं मादक पदार्थों का सेवन न करने के लिए जागरूक भी किया गया। सचिव गोयल ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार नशा मुक्त भारत के निर्माण हेतु ड्रग अवेयरनेस एंड वेलनेस नेविगेशन स्कीम (Dawn Scheme) के तहत प्राधिकरण द्वारा जागरूकता शिविर आयोजित किये जाएंगे तथा प्राधिकरण के मौजूदा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अधिकारिक अभियान वीडियो साझा किए जाएंगे। पैनल अधिवक्ता संदीप सेठिया एवं भारती गहलोत ने भी उपस्थित जन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत करवाते हुए नशे का सेवन न करने के लिए प्रेरित करते हुए नशीली दवाओं की तस्करी करने पर विधिक कार्यवाही संबंधी जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर सुख सेवा संस्थान के निदेशक गफ्फार पठान, पैनल अधिवक्ता भारती गहलोत, प्रो बोनो अधिवक्ता संदीप सेठिया एवं अन्य उपस्थित रहे।