चीताखेड़ा। झालावाड़ जिले के पीपलोदी में स्कूल भवन ढहने से सात मासूमों की मौत के बाद भी प्रशासन सतर्क नहीं हुआ है, लेकिन नीमच जिले के उगरान गांव में जागरूक ग्रामीणों की सजगता से एक बड़ा हादसा टल गया।
उगरान गांव में स्थित जर्जर आंगनबाड़ी भवन की हालत इतनी खराब है कि उसकी छत से सरिए झूल रहे हैं और सीमेंट-गिट्टी झड़ रही है। बारिश के दिनों में छत टपक रही है, जिससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में है। इसे देखते हुए स्थानीय समाजसेवी अर्जुन धनगर और रामकृष्ण कीर ने बच्चों को समय रहते पास ही के शासकीय माध्यमिक विद्यालय के कक्ष में स्थानांतरित कराया।
दोनों युवकों ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक से संपर्क कर तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक कक्षा उपलब्ध करवाई। हालाँकि विद्यालय का अतिरिक्त कक्ष भी जर्जर स्थिति में पाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले आठ वर्षों से आंगनबाड़ी भवन की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
रामकृष्ण कीर ने बताया कि वे विधायक को इस मामले से अवगत कराएंगे और गाँव बुलाकर वस्तुस्थिति दिखाएंगे। वहीं अर्जुन धनगर ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही नया आंगनबाड़ी भवन स्वीकृत नहीं हुआ, तो जनप्रतिनिधियों के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा।