देवास। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार एवं पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के कुशल मार्गदर्शन में 15 जुलाई से 30 जुलाई 2025 तक पूरे प्रदेश में नशा मुक्ति जनजागरूकता अभियान का संचालन किया गया। इस राज्यस्तरीय प्रयास को देवास जिले में पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के नेतृत्व में एक सशक्त सामाजिक आंदोलन का रूप मिला, जिसने हर वर्गकृविशेषकर युवाओंकृमें जागरूकता और जिम्मेदारी का भाव जागृत किया।
इस अभियान को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सौम्या जैन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) हरनारायण बाथम के निर्देशन में सुनियोजित और चरणबद्ध रूप में संचालित किया गया।
देवास,सोनकच्छ,बागली,कन्नोद,डीएसपी सहित सभी अनुभागों में एसडीओपी के मार्गदर्शन में थाना एवं चौकी प्रभारियों द्वारा इस अभियान को ज़मीनी स्तर तक प्रभावशाली रूप से पहुंचाया गया।
नशा मुक्ति अभियान के अंतिम चरण में कलेक्टर ऋतुराज सिंह,पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया द्वारा देवास औद्योगिक क्षेत्र स्थित जॉन डियर कंपनी में आयोजित विशेष कार्यक्रम में सहभागिता की गई। कार्यक्रम में जॉन डियर कंपनी के 500$ अधिकारी एवं कर्मचारीगण की उपस्थिति रही,जो स्वयं इस अभियान का हिस्सा बनकर सामाजिक ज़िम्मेदारी के सकारात्मक उदाहरण बने।
जिला दण्डाधिकारी ऋतुराज सिंह ने नशे के कारण उत्पन्न सामाजिक असंतुलन, आर्थिक हानि एवं पारिवारिक विघटन पर प्रकाश डालते हुए जनमानस से आग्रह किया कि “नशा केवल व्यक्ति नहीं, परिवार और राष्ट्र को भी खोखला करता है।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने अपने संबोधन में युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहते हुए स्वयं के साथ-साथ अपने मित्रों, परिजनों एवं सहकर्मियों को भी इस दिशा में जागरूक करें।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया ने औद्योगिक क्षेत्रों में जागरूकता की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि, “नशे से दूर रहकर ही कार्य कुशलता, पारिवारिक सुख और सामाजिक सौहार्द सुनिश्चित हो सकता है ।” कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों को नशा मुक्त जीवन जीने एवं समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई गई, जिसे अधिकारी-कर्मचारीगण ने पूर्ण उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ दोहराया।
यह कार्यक्रम देवास पुलिस के उस दृढ़ संकल्प को दर्शाता है कि नशा मुक्ति की चेतना केवल स्कूलों, कॉलेजों तक सीमित नहीं, बल्कि यह समाज के प्रत्येक कोनेकृऔद्योगिक प्रतिष्ठानों, ग्रामीण अंचलों, बाज़ारों, शैक्षणिक संस्थाओं और आमजन तककृसुनियोजित रूप से पहुँचाई जा रही है। देवास पुलिस का यह अभियान आज समाप्त नहीं होता, बल्कि यह उस सतत सामाजिक बदलाव की शुरुआत है जिसमें प्रत्येक नागरिक ‘नशा मुक्त समाज’ का वाहक बनेगा।