इंदौर। जिला प्रशासन द्वारा बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिए जाने के आदेश के प्रभावी पालन के मामले में 31 जुलाई को विशेष बैठक बुलाई गई है। यह बैठक कलेक्टर कार्यालय पर होगी।
एडीएम की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, एचपीसीएल, नायरा व रिलायंस के समस्त पेट्रोल पंप संचालक, सेल्स ऑफिसर व सहायक आपूर्ति अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
हेलमेट की अनिवार्यता सामाजिक व्यवहार का हिस्सा
नो हेलमेट-नो पेट्रोल के आदेश पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर कलेक्टर को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि सरकारी कार्यालय जैसे नगर निगम, कलेक्ट्रेट, पुलिस कार्यालय पर भी बिना हेलमेट के प्रवेश वर्जित किए जाने के निर्देश जारी किए जाएं। इससे हेलमेट की अनिवार्यता को सामाजिक व्यवहार का हिस्सा बनाया जा सकेगा। इस सुझाव पर दिशा निर्देश शीघ्र जारी किए जाएं।
यह है नियम?
1 अगस्त से दोपहिया वाहन चालक अगर हेलमेट नहीं पहने होंगे, तो उन्हें पेट्रोल नहीं मिलेगा।
पेट्रोल पंप संचालकों को यह आदेश मानना अनिवार्य है।
अगर कोई पेट्रोल पंप इस आदेश का पालन नहीं करता, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
जमानत राशि जब्त हो सकती है।
लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के तहत केस भी हो सकता है।
इन पर नहीं लगेगा नियम?
मेडिकल इमरजेंसी और आपात स्थिति में यह नियम लागू नहीं होगा।
यह आदेश 1 अगस्त से 29 सितंबर 2025 तक प्रभाव में रहेगा।
सड़क सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष और रिटायर्ड न्यायाधीश न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने मंगलवार को इंदौर में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली थी। इस दौरान उन्होंने कुछ जरूरी निर्देश दिए थे।
सरकारी कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाए।अगले 6 महीनों में सुधार के लिए रणनीति तैयार की जाए ताकि सकारात्मक बदलाव और नतीजे देखने को मिलें।
न्यायमूर्ति सप्रे ने कहा था कि इंदौर में लोगों को हेलमेट पहनने की आदत डालनी चाहिए। सीट बेल्ट के इस्तेमाल को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाए। शराब पीकर वाहन चलाने वालों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। लोक परिवहन के साधन बढ़ाए जाएं ताकि सड़कों पर छोटे निजी वाहनों की भीड़ कम हो। पुलिस, सरकारी कर्मचारी और विद्यार्थी जब भी वाहन चलाएं, तो हेलमेट पहनना अनिवार्य हो।