सिवनी। जिले में किसान बोनी का काम पूरा करने के बाद यूरिया के लिए परेशान हो रहे हैं। कई बार अधिकारियों को लिखित आवेदन करने के बाद कुछ स्थानों पर यूरिया मिली है। लेकिन अभी भी कई किसानों को उर्वरक न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस कड़ी में कुछ खाद-बीज दुकान के संचालक मनमाने दाम में उर्वरक बेच रहे हैं। किसानों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की थी। कलेक्टर संस्कृति जैन के निर्देश पर कृषि विभाग ने कार्रवाई की है।
नरसिंह नारायण ट्रेडर्स कृषि केंद्र के संचालक पर एफआईआर दर्ज
कृषि विभाग के उपसंचालक एस.के. धुर्वे ने बताया कि निरीक्षण दल ने दूधिया केवलारी गांव में मिली शिकायत पर नरसिंह नारायण ट्रेडर्स कृषि केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि संबंधित कृषि केंद्र के पास ऑनलाइन स्टॉक में 139.2.35 मैट्रिक टन यूरिया, 25 मैट्रिक टन डीएपी और 10 मैट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट उर्वरक दिखाया गया है।
लेकिन भौतिक रूप से गोदाम में केवल 2.75 मैट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट दानेदार, 8 मैट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट पाउडर और 0.35 मैट्रिक टन बायो पोटास ही मिला।
निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बेच रहे थे खाद
फर्म के संचालक दीपक साहू ऑनलाइन और भौतिक स्टॉक के अंतर के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
बिल बुक की जांच में पाया गया कि दीपक साहू ने किसानों को उर्वरकों का वितरण निर्धारित दर से अधिक कीमत पर किया है। उर्वरक वितरण में गंभीर अनियमितता बरतने पर संचालक के खिलाफ थाना केवलारी में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आगे भी जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था में अनियमितता बरतने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।