देवास। जिले की सतवास तहसील के कांटाफोड़ शासकीय अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। पिछले सप्ताह भर में दो बड़ी घटनाओं ने न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आमजन को भारी परेशानी भी झेलनी पड़ी है।
पहली घटना- पोस्टमार्टम के नाम पर रुपए वसूली
दो दिन पूर्व कांटाफोड़ नगर में एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके पोस्टमार्टम के लिए 30 किलोमीटर दूर भेजा गया, क्योंकि स्थानीय अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी। और तो और, परिजनों से पोस्टमार्टम के नाम पर राशि भी वसूली गई, जो अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाता है। स्वास्थ्य विभाग के कन्नौद अधिकारी ने इस मामले में जांच के आदेश जरूर दिए हैं, पर कार्रवाई अभी तक धरातल पर नजर नहीं आई।
दूसरी घटना- ट्रॉली पलटी, डॉक्टर नदारद,
कांटाफोड़ से कुछ दूरी पर बधावा घाट के पास एक ट्रॉली पलट गई, जिसमें कई मजदूर घायल हो गए। परिजन घायलों को लेकर कांटाफोड़ अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टर की गैर मौजूदगी ने सभी को परेशान कर दिया। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में धरना दे दिया और डॉक्टर की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
वही एक ओल चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां एक एंबुलेंस में एक साथ 35 मरीजों को भरकर रेफर किया गया। ये सभी मरीज इंदौर स्थित इंडेक्स हॉस्पिटल रेफर किए गए। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का ये नज़ारा न सिर्फ गंभीर सवाल खड़े करता है, बल्कि मरीजों की जान से खुला खिलवाड़ भी है। नियमों के खिलाफ इस तरह एंबुलेंस में ठूंस-ठूंसकर मरीजों को भेजना स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर करता है।