रतलाम। नगर की पुरातनकालीन धरोहर गुलाब चक्कर जिला पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद् के प्रयासों से नगर की गीत संगीत अन्य सामाजिक संस्थाओं द्वारा सफलतापूर्वक आयोजन की श्रृंखला में अभिनव प्रयासों से नगरवासियों को धरोहर से जोड़ने में हरसंभव प्रयत्नशील हैं।
पतंजलि योगपीठ हरिद्वार जिला रतलाम योग संगीत संस्थान द्वारा 5 अगस्त की शाम संगीतमय योग पर्ची के नाम रहीं आयोजन में उपस्थित श्रोताओं व संगीत संस्थानों द्वारा अपने नाम की पर्ची निकलने पर मनपसंद गायन प्रस्तुति का संयोग बना भोपाल से रतलाम आए ऐसे प्रतिभाशाली गायकों को प्राचीनतम धरोहर गुलाब चक्कर में पहली बार मंच पर गायन का सौभाग्य मिला। संयोजक प्रकृति योग सेवक विशाल कुमार वर्मा ने रुपरेखा योग उपदेश वाचन संचालन कर रचनात्मक आयोजन किया गया। योग संगीत हमारे शारीरिक मानसिक आंतरिक शक्ति को जागृत करने में अहम भूमिका निभाता हैं। इस तरह के अनुठे आयोजन की सराहना जनता जनार्दन ने की संयोग से जादूगर सम्राट ने अपने हाथों की कला प्रदर्शन जादूगरी से सबको अचंभित कर दिया।