भोपाल। मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग ने गुरुवार को वर्ष 2024 और 2025 के लिए देश के 8 प्रमुख राष्ट्रीय सम्मानों की घोषणा की। इसमें फिल्म, संगीत, तकनीक, हिंदी साहित्य और सामाजिक सेवा से जुड़ी विभूतियों और संस्थाओं को चयनित किया गया है। यह सम्मान राज्य की ओर से देश और विदेश में कला, भाषा और समाज के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को दिया जाता है।
इस बार प्रतिष्ठित राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान वर्ष 2024 में गीत लेखन के लिए प्रख्यात गीतकार और सेंसर बोर्ड प्रमुख प्रसून जोशी और वर्ष 2025 में निर्देशन के लिए चर्चित फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली को दिया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान वर्ष 2024 लोकप्रिय संगीतकार जोड़ी शंकर-एहसान-लॉय और वर्ष 2025 का सम्मान सुरों के सम्राट सोनू निगम को मिलेगा।
यह रहेंगे आयोजन के प्रमुख स्थल
राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान- 28 सितंबर 2025, इंदौर
राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान- 13 अक्टूबर 2025, खंडवा
राष्ट्रीय महात्मा गांधी सम्मान- 2 अक्टूबर 2025, भोपाल
अन्य पांच सम्मान 14 सितंबर 2025 को हिंदी दिवस पर भोपाल में वितरित किए जाएंगे।
2024 के लिए घोषित सम्मान
राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान (गीत लेखन)- प्रसून जोशी (दिल्ली)
राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान (संगीत निर्देशन)- शंकर-एहसान-लॉय (मुंबई)
राष्ट्रीय महात्मा गांधी सम्मान- आनंदधाम (भोपाल)
राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी सम्मान- प्रशांत पोळ (जबलपुर)
राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान- रीता कौशल (ऑस्ट्रेलिया)
राष्ट्रीय फादर कामिल बुल्के सम्मान- डॉ. इंदिरा गाजिएवा (रूस)
राष्ट्रीय गुणाकर मुले सम्मान- डॉ. राधेश्याम नापित (शहडोल)
राष्ट्रीय हिंदी सेवा सम्मान- डॉ. केसी अजय कुमार (तिरुवनंतपुरम)
2025 के लिए घोषित सम्मान
राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान (निर्देशन)- संजय लीला भंसाली (मुंबई)
राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान (पार्श्व गायन)- सोनू निगम (मुंबई)
राष्ट्रीय महात्मा गांधी सम्मान- पुनरुत्थान समरसता गुरुकुलम (पुणे)
राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी सम्मान- लोकेन्द्र सिंह राजपूत (भोपाल)
राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान- डॉ. वंदना मुकेश (इंग्लैंड)
राष्ट्रीय फादर कामिल बुल्के सम्मान- पद्मा जोसेफिन वीरसिंघे (श्रीलंका)
राष्ट्रीय गुणाकर मुले सम्मान- डॉ. सदानंद दामोदर सप्रे (भोपाल)
राष्ट्रीय हिंदी सेवा सम्मान- डॉ. विनोद बब्बर (दिल्ली)
सम्मानों के उद्देश्य और विशेषता
इन सम्मानों का उद्देश्य भारतीय भाषाओं, विशेषकर हिंदी और भारतीय संस्कृति को सशक्त करना है। किशोर कुमार व लता मंगेशकर जैसे दिग्गज कलाकारों के नाम पर दिए जाने वाले पुरस्कार सृजनात्मकता और कलात्मक उत्कृष्टता के प्रतीक माने जाते हैं। फादर कामिल बुल्के और निर्मल वर्मा सम्मान विदेशी मूल के या प्रवासी भारतीयों को दिया जाता है, जिन्होंने विदेशों में हिंदी के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाई है। वहीं, सूचना प्रौद्योगिकी सम्मान डिजिटल युग में हिंदी की तकनीकी यात्रा को बढ़ावा देने वालों को प्रोत्साहित करता है।