BREAKING NEWS
BIG NEWS : नीमच जिले के इन गांवों में मचा था मगरमच्छ.. <<     KHABAR : एमपी के शाजापुर में नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     KHABAR : शिक्षा की मुस्कान, पालक संघ ने नौनिहालों.. <<     BIG NEWS : नशामुक्ति का संदेश देकर संपन्न हुई एसपी.. <<     NEWS : श्रावण मास में उज्जैन स्टेशन पर विशेष.. <<     NEWS : 51 कन्या पूजन और संतों के महाप्रसाद के साथ.. <<     NEWS : महाकाल की नगरी को निकले कांवड़ियों का मधुबन.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     BIG REPORT : कुकड़ेश्वर में आवारा सांड और कुत्तों का.. <<     NEWS : सेंती में चातुर्मासिक प्रवचन श्रृंखला का.. <<     NEWS : चित्तौड़गढ़ कलक्ट्रेट में दिव्यांगजनों के.. <<     BIG NEWS : मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चित्तौड़गढ़.. <<     NEWS : जनसुनवाई में जिला कलक्टर ने सुनी आमजन की.. <<     NEWS : जिला कलक्टर ने विद्यार्थियों को दिए सफलता.. <<     NEWS : मेवाड़ के लिए सांसद सी.पी. जोशी की बड़ी पहल,.. <<     KHABAR : मुलठान में किसानों-कांग्रेस ने मिलकर.. <<     NEWS : कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग जिला.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 22, 2025, 1:46 pm
KHABAR : मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड चेयरमैन के फरमान से मुस्लिम समाज परेशान, राष्ट्रीय मानव अधिकार मंच के भूरा कुरैशी ने उठाया सवाल, बोले- शीघ्र समाधान की आवश्यकता, पढ़े खबर 

Share On:-

नीमच। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड चेयरमैन सनवर पटेल द्वारा कार्यभार संभालने के बाद जारी किए गए कुछ नए आदेशों को लेकर मुस्लिम समाज में असंतोष व्याप्त है। समाजजनों का कहना है कि ये फरमान तुगलकी और हिटलरशाही की तरह प्रतीत होते हैं, जिनके कारण प्रदेशभर में मस्जिद, मदरसा, दरगाह और ईदगाह जैसी धार्मिक संस्थाओं की समितियों का गठन प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय समाज के अनुसार परंपरागत रूप से किसी भी धार्मिक स्थल के सुचारू संचालन हेतु स्थानीय लोगों की समिति बनाई जाती है। अब नई व्यवस्था के अनुसार समिति बनाने के लिए पहले जिला वक्फ समिति से अनुशंसा आवश्यक है। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष से भी अनुशंसा कराना अनिवार्य कर दिया गया है।

समाजजनों का कहना है कि भाजपा जिलाध्यक्ष धार्मिक स्थलों की स्थिति और उनकी व्यवस्थाओं से अवगत नहीं होते, जिससे अनुशंसा में टालमटोल की जाती है। परिणामस्वरूप समितियों का गठन लंबित हो रहा है। समिति गठन की प्रक्रिया में वकील की फीस और स्टाम्प पेपर आदि पर लगभग पाँच हजार रुपये तक का खर्च भी आता है, लेकिन अनुशंसा न मिलने से यह खर्च व्यर्थ जा रहा है।

मुस्लिम समाज का कहना है कि वक्फ बोर्ड चेयरमैन को निर्देश देना चाहिए कि भाजपा जिलाध्यक्ष, समिति गठन हेतु प्राप्त प्रस्तावों की जांच कर सरलता से अनुशंसा करें, ताकि धार्मिक स्थलों की समितियाँ समय पर बन सकें और उनका संचालन व्यवस्थित रूप से हो।

इस संबंध में भूरा कुरैशी, राष्ट्रीय मानव अधिकार मंच, जिला अध्यक्ष नीमच (म.प्र.) ने कहा कि अनुशंसा प्रक्रिया की जटिलताओं के कारण समाज में भारी परेशानी हो रही है और शीघ्र समाधान की आवश्यकता है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE