नीमच। मनासा क्षेत्र में लगातार हुई अतिवृष्टि और पीले मोजेक की वजह से किसानों की खड़ी फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। किसान फसल को कहीं निकालने की कोशिश कर रहे हैं तो कहीं काटकर नाले में फेंक रहे हैं। सोयाबीन, उड़द, मक्का और मूंगफली की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं, जिससे किसानों को लागत भी नहीं निकल रही।
भाजपा कार्यकर्ता और पार्षद प्रतिनिधि दिनेश राठौर ने कहा कि यह समय किसानों के दर्द को समझकर राहत देने का है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जीएसटी उत्सव मनाने की बजाय बिना किसी सर्वेक्षण के सभी प्रभावित किसानों को तुरंत मुआवजा दिया जाए। राठौर ने बताया कि प्रशासन द्वारा क्रॉप कटिंग सर्वे किया जा रहा है, जिससे किसानों को नुकसान होने की आशंका है।
राठौर ने कहा, मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं लेकिन पहले किसान हूं। लगातार हुई बारिश से फसल खेतों में तैर रही है और किसान खून के आँसू रोने को मजबूर हैं। भाजपा सरकार हर संकट के समय किसानों के साथ खड़ी रही है। अब भी प्राकृतिक आपदा से किसान बेहाल है और सरकार से राहत की उम्मीद कर रहा है।
भाजपा नेता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी आग्रह किया कि बिना किसी सर्वे के सभी प्रभावित किसानों को मुआवजा सुनिश्चित किया जाए ताकि किसान अपने संकट से बाहर आ सकें।