निंबाहेड़ा। मालवा-मेवाड़ के शहंशाह-ए-वली हजरत इब्राहीम शाह उर्फ केली वाले मियां (र.अ.) बाबा साहब का तीन दिवसीय सालाना उर्स मुबारक मेव सेवा संस्थान के तत्वावधान में श्रद्धा, अकीदत और रूहानियत के माहौल में मनाया जा रहा है। उर्स का समापन गुरुवार को चादर शरीफ जुलूस एवं कुल की रस्म के साथ होगा।
उर्स मुबारक का शुभारंभ 2 जून को बाबा साहब के आस्ताने पर चादर पेश कर, फूल अर्पित करने एवं फातेहा ख्वानी के साथ हुआ। इस दौरान देश में अमन, चौन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं की गईं।
उर्स कमेटी के सदर भुरू जागीरदार ने बताया कि उर्स के तीसरे दिन गुरुवार को पांच मुस्लिम जोड़ों का निरूशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया। मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार सभी जोड़ों का निकाह संपन्न कराया गया। नवविवाहित जोड़ों को घरेलू उपयोग की सामग्री, चांदी की बिछिया एवं सोने की लौंग भेंट स्वरूप प्रदान की गई। साथ ही बारातियों एवं मेहमानों के लिए भोजन की विशेष व्यवस्था भी की गई।
उन्होंने बताया कि शाम को नमाज-ए-असर के बाद रंगीन महफिल-ए-कव्वाली, दस्तारबंदी, फातेहा ख्वानी एवं लंगर तकसीम के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके पश्चात कुल की रस्म के साथ तीन दिवसीय उर्स मुबारक का समापन होगा।
उर्स मुबारक में क्षेत्र सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंच रहे हैं। यह आयोजन आपसी सद्भाव, भाईचारे, प्रेम और सूफी परंपरा के संदेश को मजबूत करने का माध्यम बन रहा है। अकीदतमंदों ने दरगाह पर हाजिरी देकर अमन-चौन, खुशहाली और तरक्की की दुआएं मांगीं।