नीमच। आम आदमी पार्टी जिला इकाई ने नीमच जिले में सोयाबीन फसल के मुआवजे को लेकर सरकार के फैसले का कड़ा विरोध जताया है।
प्रदेश प्रवक्ता इंजीनियर नवीन अग्रवाल और जिला अध्यक्ष विनोद पवार के मार्गदर्शन में, जिला मीडिया प्रभारी रमेश गुर्जर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इस बार अल्प वर्षा और अतिवृष्टि के कारण सोयाबीन फसल पूरी तरह प्रभावित हुई। दाने छोटे रह गए और पीला मोज़ेक रोग ने फसल को बर्बाद कर दिया, लेकिन सरकार किसानों को भ्रमित कर रही है।
प्रेस नोट में बताया गया कि सरकार ने बड़े किसानों को 7,300 और छोटे किसानों को 8,000 प्रति हेक्टेयर मुआवजा देने की घोषणा की है, जो “ऊंट के मुँह में ज़ीरा” समान है।
किसानों की फसल मात्र 50 किलो प्रति बीघा निकल रही है, जबकि उन्हें कुल मिलाकर केवल 1,500 मुआवजा, 700 भावांतर और 1,400 फसल बीमा का लाभ मिल रहा है — जो उनकी लागत का नाममात्र भी नहीं है।
आम आदमी पार्टी का कहना है कि जब प्रशासन और शासन स्वयं 80% नुकसान स्वीकार कर रहा है, तो मुआवजा मात्र 40% क्यों दिया जा रहा है? पार्टी ने मांग की है कि किसानों को 20,000 प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।
पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने किसानों की मांगें नहीं मानीं, तो जिलेभर में धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी ने याद दिलाया कि वर्ष 2021–22 में भी फसल बीमा की राशि दिलाने में नीमच–मंदसौर जिले के किसानों को पार्टी के प्रयासों से सफलता मिली थी, और अब भी वह किसानों के समर्थन में पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी।
अंत में पार्टी ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जब नवरात्रि जैसे पर्व पर गौमांस को टैक्स-फ्री किया जा सकता है, तो किसान हित में कृषि संबंधी वस्तुओं को भी टैक्स-फ्री किया जाए और गौमांस पर 2000 प्रतिशत टैक्स लगाया जाए।