मंदसौर। आगामी सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों को लेकर जिले में विकास और निर्माण कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत अनुकूल जैन, पीआईयू, पीडब्ल्यूडी, सेतु निगम, एमपीआरडीसी, नगर पालिका सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने कहा कि सिंहस्थ जिले के लिए गौरव का अवसर है, इसलिए सभी विभाग समयबद्ध रूप से अपने निर्माण कार्य पूरे करें ताकि आमजन और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। कार्य सिंहस्थ मद एवं विभागीय मद दोनों से कराए जाएंगे।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि डीपीआर, टेंडर प्रक्रिया और कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करें, ताकि समय पर कार्य प्रारंभ हो सके।
सिंहस्थ निर्माण कार्यों के अंतर्गत प्रमुख विकास योजनाएं इस प्रकार हैं-
- भगवान पशुपतिनाथ मंदिर से महू-नीमच रोड तक शिवना पथ का निर्माण।
- शिवना तट पर घाट निर्माण एवं सौंदर्यीकरण।
- सिंहस्थ पथ का निर्माण पशुपतिनाथ मंदिर से नालछा माता बायपास मार्ग तक।
- दुधाखेड़ी माताजी मंदिर में भक्त निवास निर्माण।
- गरोठ-बोलिया मार्ग (पोलाडुंगर से भानपुरा तक) का उन्नयन।
- कालाखेड़ा से पोलाडुंगर ढाबला गुर्जर टू-लेन सड़क निर्माण।
- मेलखेड़ादृचंदवासादृधर्मराजेश्वर मार्ग का चौड़ीकरण।
- मंदसौर बस टर्मिनल निर्माण।
- विश्राम भवन परिसर में 20 कक्षों वाला नया विश्राम भवन।
- शिवना नदी पर नया ब्रिज निर्माण।
- भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भक्त निवास गृह निर्माण।
- शहर में डिवाइडर निर्माण एवं स्ट्रीट लाइट व्यवस्था।
- गांधी सागर में सर्वसुविधायुक्त प्रतीक्षालय, रिसोर्स सेंटर एवं कार्यालय निर्माण।
- मल्टी-लेवल पार्किंग, गीता भवन, दो स्वागत द्वार एवं कूलिंग कॉरिडोर हरित पथ निर्माण कार्य।
नगर पालिका को तेलिया तालाब में बोटिंग सुविधा प्रारंभ करने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सिंहस्थ से पूर्व सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को उत्तम सुविधाएं मिल सकें।