भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में आगजनी और आपात स्थितियों से निपटने के लिए एक नया और सख्त कानून लाने का फैसला किया है। प्रदेश में फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट 2025 का ड्राफ्ट तैयार हो गया है, जिसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा।
नए कानून की प्रमुख बातें
15 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली सभी इमारतों के लिए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना अब पूरी तरह अनिवार्य होगा।
बिना वैध फायर एनओसी के अब ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (भवन उपयोग प्रमाण-पत्र) नहीं जारी होगा।
शादी, राजनीतिक रैली, धार्मिक आयोजन या किसी भी तरह के अस्थायी पंडालों में अब अग्निरोधी कपड़ा इस्तेमाल करना बाध्यकारी होगा।
साधारण कपड़े से बने पंडाल अब पूरी तरह प्रतिबंधित।
सेल्फ-रेगुलेटरी सिस्टम होगा लागू
आयोजकों की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी, मतलब आयोजक खुद फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित करेंगे। लापरवाही या नियम उल्लंघन पर जुर्माना और जेल, दोनों का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में शादी-विवाह और सार्वजनिक आयोजनों में आगजनी की कई दर्दनाक घटनाएं हुई हैं। इस नए एक्ट से ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा और लोगों की जान-माल की सुरक्षा बढ़ेगी।कानून लागू होने के बाद फायर विभाग को और मजबूत अधिकार मिलेंगे तथा नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई की व्यवस्था होगी।