नीमच। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष भेरूलाल किलोरिया का मंगलवार को देवलोकगमन हो गया। उनके निधन से नीमच सहित प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।
किलोरिया उस दौर के प्रखर जननेता थे, जब प्रदेश में कांग्रेस की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध आमजन और कार्यकर्ताओं को संगठित रखना चुनौतीपूर्ण कार्य था। वे संघर्ष के समय कार्यकर्ताओं को एकजुट कर हौसला बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभाते थे।
शौर्य दिवस जैसे कार्यक्रमों में स्व. खुमान सिंह शिवाजी, भेरूलाल ‘दादा’ किलोरिया और करण दादा जैसे वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन कार्यकर्ताओं को विशेष ऊर्जा प्रदान करता था। 1998 की ऐतिहासिक धर्मसभा, जिसे उस समय की सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था, में किलोरिया की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। जब शहर पुलिस छावनी में तब्दील था, तब भी उन्होंने अपने बाड़े में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को संगठित किया और प्रशासनिक दबाव के बावजूद कमल चौक पर भगवा ध्वज फहराने का संकल्प लिया। युवा बजरंगी प्रताप चावड़ा के सहयोग से कमल चौक पर ध्वज फहराया गया, जिससे कार्यक्रम सफल हुआ और कार्यकर्ताओं का मनोबल बना रहा।
ऐसे अनेक प्रसंग हैं जब भेरूलाल किलोरिया ने कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटने नहीं दिया और संगठन को मजबूती प्रदान की।
किलोरिया के निधन पर भाजपा के वरिष्ठ नेता शिव माहेश्वरी, महेंद्र भटनागर, पूर्व पार्षद गजेन्द्र चावला, पूर्व मंडल कोषाध्यक्ष दिलीप छाजेड़, बाबूलाल नागदा, शौकीन जैन, ललित ग्वाला, कमलेश नागदा, पन्नालाल सराठा, राजाराम पटेरिया, डॉ. महिपाल सिंह चौहान, अशोक जैन जावी, रमेश फौजी, प्रवीण शर्मा, अजय वलेचा, मनीष चौरसिया, कान्हा सोनी, जीनू मेहता, मोहन चौधरी, कमल शर्मा, ओमप्रकाश सचदेव, सुरेश साहनी, मनोज महेश्वरी, नितिन बैरागी, पंकज रामावत, बाबू भागचंद अहीर, रमेश सैनी, ओमप्रकाश काबरा, सुरेश सैनी, जयंत विश्व, मोमु लालवानी, जीतू तलरेजा सहित हज़ारों कार्यकर्ताओं एवं जनमानस ने अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की।