चित्तौड़गढ़। नववर्ष के आगमन की पूर्व संध्या पर 31 दिसंबर को सुख सेवा संस्थान नशा मुक्ति व पुनर्वास केंद्र चित्तौड़गढ़ ने कलेक्ट्री चौराहे पर दूध पिलाकर नशा छोड़ने के लिये प्रेरित किया। संस्थान अध्यक्ष पठान ने बताया कि संस्था का उद्देश्य आमजन में नशे के विरोध में जागरूकता लाना है ताकि देश का प्रत्येक नागरिक अपने स्वास्थ्य व परिवार के प्रति जिम्मेदार बन सके और समाज व देश के विकास में सहयोग कर सकें।
उन्होंने कहा कि सुख सेवा संस्थान नशा मुक्ति व पुनर्वास केंद्र का पिछले कई सालों से नशा मुक्त भारत बनाने का अभियान जारी है। समय-समय पर नशा मुक्ति हेतु प्रेरित करने के लिए विभिन्न तरह के किये जा रहे जन जागरण के प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने इस अवसर पर सभी को नशा न करने की अपील की।
कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर अमित कुमार चेचानी ने बताया कि 31 दिसंबर की कड़ाके की ठंड में शाम 7:30 बजे से सवा क्विंटल दूध कलेक्ट्रेट चौराहे पर शहरवासियों व राहगीरों को पिलाया गया, जिसमें मौसम के अनुकूल सूखे मेवे का इस्तेमाल किया गया। लगभग 1 घंटे चले इस आयोजन में प्रत्येक राहगीर को मनुहार कर कुर्सी पर बिठाकर दूध पिलाया गया और इस जनहित में किए गए कार्य की प्रशंसा की। इस सामाजिक कार्य में संस्थान के सदस्यों द्वारा पूर्ण रूप से सहयोग रहा।
संस्थान काउंसलर प्रभात शर्मा ने इस अवसर पर कहा कार्यक्रम का उद्देश्य दूध पिलाकर आमजन को नशे के खिलाफ जागरूक करना है। सुख सेवा संस्थान नशा मुक्ति व पुनर्वास केंद्र पिछले 13 सालों से नशे की विरोध में जन जागरूकता अभियान के साथ साथ इलाजरत मरीजों को ठीक करने के साथ उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए प्रयासरत रहा है कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी युवा और वरिष्ठ नागरिक मौजूद थे, जिनका कार्यक्रम के आरंभ में ऊपरना ओढ़ाकर स्वागत किया गया। संस्थान के जितेंद्र सिंह तोमर, विनय पालीवाल, कन्हैया लाल, कमलेश, चैन सिंह, पवन, बिजेंद्र सिंह, अजय साजवान, शोएब इत्यादि स्टाफ उपस्थित रहा।