उज्जैन। संभागायुक्त आशीष सिंह ने कलेक्टर कमिश्नर कांफ्रेंस बैठक के पालन प्रतिवेदन बिंदुओं की समीक्षा बैठक शुक्रवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभाकक्ष में की। बैठक में गत दिनों आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन विभाग और साँची दुग्ध संघ के अंतर्गत दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की विस्तार से समीक्षा की गई।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि संभाग के जिलों में प्रगतिशील किसानों द्वारा खेती में नवाचार किया जा रहा है। भावांतर योजना में भी उज्जैन जिले में सबसे अधिक पंजीयन किए गए है। किसानों के क्लस्टर भी बनाए जा रहे है। संभागायुक्त सिंह ने निर्देश दिए कि किसानों को नेचुरल फार्मिंग और जैविक खेती के बारे में अधिक से अधिक जागरुक किया जाए। नरवई जलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। कृषि विभाग द्वारा शीघ्र ही ई-टोकन खाद वितरण व्यवस्था प्रारंभ की जाएगी इसके अंतर्गत किसान ऑनलाईन खाद के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे और समय पर उन्हें खाद उपलब्ध हो सकेंगी।उद्यानिकी विभाग द्वारा उद्यानिकी फसलों में किए जा रहे नवाचार, पॉलीहाउस निर्माण के बारे में जानकारी दी गई। संभागायुक्त सिंह ने निर्देश दिए कि पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत स्वरोजगार योजना के प्रकरण और बढ़ाए जाए। पशुपालन विभाग द्वारा डॉ. भीम राव अंबेडकर कामधेनू योजना, स्वावलंबी गौशाला कामधेनू योजना, क्षीर धारा योजना के क्रियांवयन के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि उज्जैन संभाग में 03 बड़ी गौशालाएं है।सॉंची दुग्ध संघ के द्वारा पालन प्रतिवेदन के बिंदुओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि संघ द्वारा 102 नवीन किसानों की सहकारी समितियां बनाई गई है। संभागायुक्त सिंह ने समितियों की संख्या और बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।