छतरपुर। गहोई समाज का त्रि-दिवसीय गहोई दिवस समारोह रविवार शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ। इस वर्ष समारोह की मुख्य विशेषता यह रही कि समाज ने विवाह में श्बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओश् को आठवें वचन के रूप में अपनाने की पहल की है। समाज का मानना है कि यह संकल्प आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देगा।
समारोह के दौरान चार सामूहिक विवाह हुए, जिनमें वर-वधू को सात पारंपरिक वचनों के साथ आठवां वचन भी दिलाया गया। इस आठवें वचन में श्बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओश् का संकल्प शामिल था। समाज की इस पहल की सभी ने सराहना की और इसे अपने जीवन में अपनाने की बात कही।
इन सामूहिक विवाहों में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार सभी वैवाहिक सामग्री और दहेज विधिवत प्रदान किया गया। विवाहित जोड़ों में पवन-कोमल, सत्यम-शिवांगी, अशोक-अनीता और रामस्वरूप-पूजा शामिल थे।
समारोह की शुरुआत बुंदेलखंड गैरेज से हुई शोभायात्रा से हुई, जो बस स्टैंड, फब्बारा चौराहा, हटवारा, गांधी चौक, गल्ला मंडी और रामलीला मैदान होते हुए गहोई धाम पहुंची। यात्रा के दौरान महिलाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखा गया। शहरभर में गहोई बंधुओं, गहोई यूथ क्लब, अग्रवाल समाज सहित अन्य सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ ध्वज गीत और पूजन के साथ हुआ। मंचीय कार्यक्रमों की शुरुआत बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से की गई। समारोह में अखिल भारतीय गहोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल छिरौल्या श्डल्लू भैयाश् मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में महासभा के महामंत्री दीपक सावला, उपाध्यक्ष मोहन बड़कुल, कोषाध्यक्ष मोहन कनकने, मंत्री डॉ. सुशील कुमार सोनी सहित कई राष्ट्रीय व प्रांतीय पदाधिकारी शामिल हुए।