कालापीपल। सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बसंत पंचमी एवं आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के पावन अवसर पर शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रमों की शुरुआत विद्यालय परिसर में मां सरस्वती की सामूहिक आराधना, चारों वेदों के पूजन, विधिवत हवन-पूजन एवं विद्यारम्भ संस्कार के साथ हुई, जिसमें विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य प्रवीण देशपांडे ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति से परिपूर्ण व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बसंत पंचमी को ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र समर्पण का प्रतीक पर्व बताया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सरस्वती कॉलोनी स्थित विद्यालय से प्रारंभ हुआ भव्य एवं ऐतिहासिक पथ संचलन रहा, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ कर्मचारी कॉलोनी स्थित शिवाजी परिसर में संपन्न हुआ। पथ संचलन में राष्ट्रध्वज एवं भारत माता की जीवंत झांकी के साथ मां सरस्वती, आजाद हिंद फौज के सिपाही, संघ शताब्दी वर्ष को समर्पित डॉ. हेडगेवार व परम पूज्य गुरुजी की झांकियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
विशेष रूप से मंदिर के नन्हे विद्यार्थियों द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस का व्यक्तित्व धारण कर प्रस्तुत की गई ऐतिहासिक झांकी ने सभी को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही भारत की वीरांगनाओं, समाजसेवी हेल्परों एवं विभिन्न देवी-देवताओं के स्वरूप में सजे बच्चों ने अनुशासन व उत्साह के साथ सहभागिता की। हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सुसंगठित रूप से निकाला गया पथ संचलन प्रेरणादायी रहा।
पथ संचलन के दौरान पूरा नगर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया, जिससे वातावरण राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक गौरव से ओतप्रोत हो उठा।