शिवपुरी। जिले के खनियांधाना और बामौरकलां थाना क्षेत्र के बीच सीमा विवाद और पुलिसिया कार्रवाई की देरी के चलते एक मृतक के परिजनों द्वारा किये जा रहे आक्रोश का पुलिस को सामना करना पड़ा। खनियांधाना थाना क्षेत्र के ग्राम हनुमान खेड़ा निवासी 35 वर्षीय सरमन केवट को कुछ लोग अपने साथ बुलाकर ले गए थे, जिसके बाद उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। देर रात तक जब सरमन घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, तभी उन्हें साथ ले जाने वाले व्यक्तियों ने घर आकर सूचना दी कि सरमन का एक्सीडेंट हो गया है और उन्हें कुछ चोटें आई हैं।
जब परिजन बताए गए स्थान पर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। मृतक सरमन केवट के सिर और पैरों पर ट्रैक्टर के टायर के स्पष्ट निशान थे और उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। परिजनों ने इसे साधारण दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए सीधे हत्या का आरोप लगाया है। इस मामले में कानूनी पेच तब फंस गया जब घटना बामौरकलां थाना क्षेत्र की सीमा में घटित हुई, जबकि मृतक सरमन खनियांधाना थाना क्षेत्र के हनुमान खेड़ा का निवासी था। परिजन घटनास्थल से मृतक के शव को सीधे ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर बामौरकलां पहुँचे इसके बाद बामौरकलां पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए खनियांधाना लेकर पहुंची।
परिजनों का आरोप है कि उचित कार्रवाई और नामजद एफ आई आर दर्ज करने में तत्परता नहीं बरती गई इसी उलझन और कार्रवाई न होने से नाराज परिजनों का धैर्य जवाब दे गया और मृतक की डेडबॉडी पोस्टमार्डम हाऊस पर ही छोड़ कर खनियांधाना थाने के सामने बीच रोड़ पर पत्थर एवं गाड़ियां लगाकर चक्काजाम कर दिया। सड़क पर परिजनों के विलाप और हंगामे के चलते आवागमन पूरी तरह करीब 1 घंटे बाधित रहा इसके बाद खनियांधाना थाना प्रभारी केदार सिंह यादव ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन की समझाइश के बाद परिजन शांत हुए और शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिये राजी हुये और बामौरकलां थाना रवाना हुए ताकि आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा सके ।