नीमच। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम-कुसुम योजना के घटक-बी को मध्यप्रदेश में “प्रधानमंत्री कृषक सूर्य मित्र योजना” के नाम से संचालित किया जा रहा है। इस योजना के तहत नीमच जिले के किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे खेती और अधिक सुगम बन रही है।
जिले में ऑफ-ग्रिड सोलर पंपों की स्थापना का कार्य तेज़ी से प्रगति पर है। इससे किसानों की बिजली पर निर्भरता कम होगी और खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही किसानों को दिन के समय निर्बाध सिंचाई की सुविधा भी प्राप्त होगी।
किसान-अनुकूल वित्तीय व्यवस्था
योजना के अंतर्गत सोलर पंप स्थापना के लिए सरल एवं लाभकारी वित्तीय ढांचा निर्धारित किया गया है- किसान अंशदान: 10 प्रतिशत, केंद्र सरकार का अनुदान: 30 प्रतिशत, बैंक ऋण: 60 प्रतिशत (बैंक ऋण की गारंटी मध्यप्रदेश शासन द्वारा दी जा रही है।) ऋण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को नोडल बैंक नियुक्त किया गया है।
योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया-
योजना का लाभ प्राप्त करने एवं वेंडर द्वारा कार्य प्रारंभ करने के लिए ऋण स्वीकृति अनिवार्य है। इसके लिए कुसुम-बी राज्य पोर्टल से एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) में ऑनलाइन आवेदन, नोडल बैंक में किसान का खाता एवं CIF उपलब्ध होना, डिजिटल लेंडिंग के माध्यम से बैंक द्वारा ऋण की अंतिम स्वीकृति
जिले में अब तक की प्रगति-
31 दिसंबर 2025 तक नीमच जिले में 1525 आवेदनों के वर्क ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। इस योजना से किसानों को कम लागत में खेती, दिन में निर्बाध सिंचाई और पर्यावरण संरक्षण में सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण लाभ मिल रहे हैं।