खरगोन। शहर के बिस्टान रोड नाके तिराहे पर नगर पालिक द्वारा स्थापित की गई क्रांतिकारी टंटया मामा प्रतिमा खरीदी में कथित तोर पर लगाये जा रहे घोटाले के आरोपो का मामला अब जनांदोलन में तब्दील होते नजर आ रहा है। मंगलवार को जयस, आदिवासी समाज सहित कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओ ने सामूहिक रूप से धरना प्रदर्शन कर मामले में सीएमओ सहित नपाध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग की है।
धरने के बाद शाम को एसपी को सौप ज्ञापन में दोषियों पर एफआईआर और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में बताया कि नगरपालिका परिषद खरगोन द्वारा दिनांक 15 नवंबर 2025 को टंट्या मामा चौराहे पर मूर्ति स्थापित की गई थी। परिषद द्वारा प्रस्ताव पारित कर धातु की मूर्ति लगाने हेतु लगभग 10 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया और इसके लिए निविदाएं भी आमंत्रित की गईं।
धरने के दौरान कसरावद विधायक सचिन यादव ने आरोप लगाया कि मौके पर धातु की जगह फाइबर की मूर्ति स्थापित कर दी गई, जबकि 9 लाख 99 हजार रुपये की राशि आहरित करने का प्रयास किया गया। यह शासकीय धन के गबन और खुला भ्रष्टाचार है यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और राष्ट्रीय क्रांतिकारी टंट्या मामा का अपमान हुआ है।
जयस ने मांग की कि इस पूरे मामले में शामिल नगरपालिका के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं ठेकेदार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लोकायुक्त में प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी एवं कड़ी कार्रवाई की जाए। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। जयस ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।