मंदसौर। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी बीएल विश्नोई ने जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर अदिति गर्ग की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, समस्त परियोजना अधिकारी, जिला समन्वयक, सभी ब्लॉक अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी बीएल विश्नोई द्वारा पीपीटी के माध्यम से जिले के पोषण कार्यक्रमों की प्रगति एवं प्रदर्शन की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। इस पर कलेक्टर गर्ग ने आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सभी पर्यवेक्षक निजी विद्यालयों का भौतिक सत्यापन करें तथा छूटे हुए बच्चों का नवीन पंजीयन सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने कार्य में लापरवाही बरतने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त करने तथा कम उपलब्धि प्रतिशत वाली परियोजनाओं को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री बाल आरोग्य अभियान के अंतर्गत 24 जनवरी 2026 को सभी परियोजनाओं में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी कुपोषित (SAM) बच्चों को एमएमबास्क कार्यक्रम में दर्ज कर नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में आंगनवाड़ी केंद्रों पर एनआरसी में भर्ती किए जाने वाले बच्चों की वेटिंग लिस्ट तैयार करने, कम उपलब्धि वाली परियोजनाओं एवं पर्यवेक्षकों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी गई कि यदि आगामी माह में 88 प्रतिशत से कम भोजन वितरण पाया गया तो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने उन क्षेत्रों में विशेष सर्वे करने के निर्देश भी दिए जहां जनसंख्या घनत्व कम है अथवा स्कूल सीएम राइज स्कूलों में शिफ्ट हो चुके हैं। अंत में कलेक्टर गर्ग ने सभी प्रमुख बिंदुओं पर उपस्थित अधिकारियों से चर्चा करते हुए निर्देशों के शीघ्र पालन, कार्यप्रणाली में सुधार, नियमित आंगनवाड़ी समीक्षा एवं पोषण ट्रैकर में प्रविष्टियों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करने की हिदायत देते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा बैठक का समापन किया गया।