मंदसौर। शहर में संचालित अनामिका जनकल्याण सेवा समिति के लावारिस विक्षिप्त महिला आश्रय गृह से एक युवती की करीब एक वर्ष बाद घर वापसी हुई। उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना गांव निवासी लाएबा को लेने उसके भाई मोहम्मद शाहिद शुक्रवार को मंदसौर पहुंचे। लंबे अंतराल बाद भाई-बहन की मुलाकात भावुक रही और माहौल गमगीन हो गया।
जानकारी के अनुसार, लाएबा 2 फरवरी 2025 को घर से लापता हो गई थी। ट्रेन से मंदसौर पहुंचने पर जीआरपी ने उसे संरक्षण में लेकर वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से अनामिका जनकल्याण सेवा समिति को सौंपा। उस समय उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। संस्था द्वारा इलाज, काउंसलिंग और निरंतर देखभाल के बाद उसकी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ और वह सामान्य व्यवहार करने लगी।
स्वस्थ होने पर युवती द्वारा पता बताए जाने पर संस्था ने उत्तर प्रदेश कंट्रोल रूम से संपर्क कर परिजनों को सूचना दी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण संस्था ने अपने खर्च पर भाई को मंदसौर बुलाया। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर भाई-बहन की घर वापसी सुनिश्चित की गई।
मोहम्मद शाहिद ने बहन की सुरक्षित वापसी पर राहत जताते हुए संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि अब परिवार में फिर से खुशियां लौटेंगी।