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April 24, 2026, 1:15 pm
KHABAR : नाम लाहौर पानी पंचायत, मगर बूंद-बूंद को तरसे लोग, 25 परिवारों पर एक हैंडपंप का सहारा, पढे़ प्रदीप महाजन की खबर 

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खरगोन। केंद्र सरकार जहां ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, वहीं खरगोन जिले के भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र की लाहौर पानी पंचायत में हालात बेहद चिंताजनक हैं। यहां पंचायत के जमरा फलिया में करीब 25 आदिवासी परिवार सिर्फ एक हैंडपंप के सहारे जीवन गुजार रहे हैं।


स्थिति यह है कि पानी भरने के लिए लोगों को सुबह 4 बजे से ही हैंडपंप पर बर्तन रखकर नंबर लगाना पड़ता है। कुछ देर पानी आने के बाद हैंडपंप सूख जाता है, फिर करीब एक से डेढ़ घंटे बाद दोबारा पानी आता है। ऐसे में ग्रामीणों का पूरा समय सिर्फ पानी के इंतजार में निकल जाता है।


ग्रामीणों ने बताया कि सबसे पहले पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है, तभी घर के बाकी काम हो पाते हैं। यदि हैंडपंप खराब हो जाए तो पीने के पानी के लिए करीब 2 किलोमीटर दूर बोकरानिया फलिया जाना पड़ता है।


विडंबना यह है कि पंचायत का नाम ष्लाहौर पानीष् है, लेकिन पंचायत क्षेत्र में लोगों को पीने के लिए पर्याप्त पानी तक नसीब नहीं हो रहा। गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर होती जा रही है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।


अब सवाल यह है कि आखिर योजनाओं का लाभ इन जरूरतमंद आदिवासी परिवारों तक कब पहुंचेगा?

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