शाजापुर। कलेक्टर ऋजु बाफना एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कमला आर्य के निर्देशन में जिले में दवाओं के क्रय-विक्रय की सतत निगरानी तथा "नशा मुक्ति भारत अभियान 2.0" के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा मेडिकल स्टोर्स का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर छह मेडिकल स्टोर्स के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस निलंबित एवं निरस्त किए गए हैं।
औषधि निरीक्षक प्रदीप अहिरवार ने बताया कि मैसर्स सरस्वती मेडिकल स्टोर्स, रेलवे स्टेशन के पास, वार्ड क्रमांक-24, शुजालपुर का लाइसेंस दवाओं के क्रय-विक्रय में गंभीर अनियमितताओं के चलते निरस्त किया गया है। निरीक्षण में रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाओं का विक्रय, शेड्यूल-एच1 दवाओं का रिकॉर्ड संधारित नहीं किया जाना, शीत संग्राहक औषधियों का निर्धारित तापमान पर भंडारण नहीं किया जाना तथा एक्सपायर्ड दवाओं का संधारण पाया गया।
इसी प्रकार, मैसर्स अवि मेडिकल स्टोर्स, पगरावद कला (तहसील शुजालपुर) एवं मैसर्स भारत मेडिकल स्टोर्स, ग्राम पिपलिया (तहसील कालापीपल) के लाइसेंस दवा विक्रय संबंधी रिकॉर्ड में अनियमितता तथा शेड्यूल-एच1 दवाओं का रिकॉर्ड संधारित नहीं किए जाने के कारण सात दिवस के लिए निलंबित किए गए हैं।
वहीं, मैसर्स वैष्णव मेडिकल स्टोर्स (अमलाय पत्थर की, शुजालपुर), मैसर्स हेल्थ केयर मेडिकल स्टोर्स (सिटी मंडी रोड, शुजालपुर) तथा मैसर्स एमबी मेडिकल स्टोर्स (फ्रीगंज, शुजालपुर मंडी) के लाइसेंस दवाओं के क्रय-विक्रय संबंधी रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाए जाने पर पांच दिवस के लिए निलंबित किए गए हैं।
औषधि निरीक्षक प्रदीप अहिरवार ने बताया कि उपरोक्त सभी प्रकरणों में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली, 1945 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। जिले में दवा विक्रय प्रतिष्ठानों की सतत निगरानी एवं निरीक्षण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।