नीमच। श्री सीताराम जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमच में दिनांक 24 अप्रैल 2026 को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत प्रेरणादायक व्याख्यानों का आयोजन किया गया । इस अवसर पर “सफलता और असफलता जीवन यात्रा का अभिन्न अंग हैं; अंतिम परिणाम प्रेरणा द्वारा निर्धारित होता है” तथा “स्वस्थ मन, सशक्त बेटियाँरू मानसिक स्वास्थ्य में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका” जैसे समसामयिक एवं अत्यंत प्रासंगिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं एवं उनके अभिभावकों की उत्साहपूर्ण एवं सक्रिय सहभागिता उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कर्नल ज्योति प्रकाश (कमांडिंग ऑफिसर, 5 एम.पी. बटालियन, मंदसौर) ने अपने प्रेरक उद्बोधन में सफलता एवं असफलता को जीवन यात्रा का स्वाभाविक एवं अनिवार्य अंग बताते हुए छात्राओं को निरंतर परिश्रम, अनुशासन तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि असफलता किसी भी प्रकार से अंत नहीं, अपितु सीखने, आत्ममंथन करने एवं पुनः सशक्त रूप से आगे बढ़ने का सशक्त माध्यम है। साथ ही उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण एवं अटूट इच्छाशक्ति को मानसिक दृढ़ता के मूल आधार के रूप में रेखांकित किया।
द्वितीय वक्ता के रूप में प्रो. पूजा शर्मा(सहायक प्राध्यापक, स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय, नीमच) ने अपने उद्बोधन में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु मानसिक संतुलन एवं भावनात्मक सुदृढ़ता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि माता-पिता का सहयोग, संवेदनशील संवाद एवं समझदारी बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में आधारशिला का कार्य करता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. आर. के. पेन्सिया के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं छात्राओं का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं के व्यक्तित्व विकास, मानसिक सशक्तिकरण एवं आत्मविश्वास वृद्धि हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि स्वस्थ मानसिकता ही उज्ज्वल शैक्षणिक एवं सामाजिक भविष्य की आधारशिला है।
इस अवसर पर महाविद्यालय की एनटीएफ इकाई। प्रभारी डॉ. हिना हरित ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के संदर्भ में अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि महाविद्यालय में इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है तथा भविष्य में भी ऐसे विविध कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिनका उद्देश्य छात्राओं, अभिभावकों एवं समस्त महाविद्यालयीन स्टाफ के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ एवं जागरूक बनाना है।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. नेहा इंगले एवं आभार प्रदर्शन डॉ. हिना हरित द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएँ, उनके अभिभावक तथा महाविद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।