शाजापुर। जिले को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ सोमवार को भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में मातृशक्ति ने जोरदार प्रदर्शन किया। भीषण 42 डिग्री तापमान के बीच सैकड़ों महिलाओं ने जिला मुख्यालय पर रैली निकालकर मुख्यमंत्री, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर आलोक वर्मा को सौंपा गया।
कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ मालवा प्रांत की महिला संयोजिका वैशाली मालवीया, संगठन मंत्री दिनेश शर्मा, जिला महिला सहसंयोजिका हेमा नागर, जिला अध्यक्ष सवाई सिंह सिसोदिया, संभाग सदस्य राजबहादुर, जिला मंत्री मुकेश पाटीदार सहित जिले और तहसीलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं महिलाएं मौजूद रहीं।
वैशाली मालवीया ने कहा कि जिले में बढ़ते नशे के कारोबार ने युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने महिलाओं से समाज को नशामुक्त बनाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। इस दौरान विभिन्न तहसीलों की महिला संयोजिकाओं को दायित्व भी सौंपे गए।
ज्ञापन में मांग की गई कि विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, सार्वजनिक चौराहों और आवासीय क्षेत्रों के आसपास तंबाकू, गुटखा, सिगरेट, शराब, गांजा, चरस, व्हाइटनर, पेट्रोल और अन्य मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाए।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि नाबालिग छात्र-छात्राओं और युवाओं में नशे की बढ़ती लत उनके शारीरिक, मानसिक और नैतिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार आर्थिक व सामाजिक रूप से टूट रहे हैं और अपराध बढ़ रहा है।
ज्ञापन में एनडीपीएस एक्ट 1985, कोटपा एक्ट 2003, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 और मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 का हवाला देते हुए कहा गया कि कानून होने के बावजूद खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है।
महिलाओं ने मांग की कि शिक्षण संस्थानों और शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर छापामार कार्रवाई की जाए, अवैध विक्रेताओं पर कठोर धाराओं में प्रकरण दर्ज हों, लाइसेंस निरस्त किए जाएं और नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। साथ ही स्कूल-कॉलेजों में नशा विरोधी जागरूकता अभियान और गोपनीय शिकायत तंत्र शुरू करने की भी मांग की गई।