नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशानुसार सोमवार को जीरन कृषि उपज मंडी में लहसुन उत्पादक किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु कृषक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं।
उल्लेखनीय है कि 30 अप्रैल को कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने जीरन कृषि उपज मंडी का निरीक्षण कर किसानों से संवाद किया था। इस दौरान किसानों ने लहसुन की गुणवत्ता प्रभावित होने, काला पड़ने, सेंटेड होने तथा भंडारण के बाद हरा होने जैसी समस्याओं से अवगत कराया था। कलेक्टर ने वैज्ञानिकों के माध्यम से समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था।
इसी क्रम में कृषि विज्ञान केंद्र नीमच के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. सी.पी. पचौरी, पौध संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. श्याम सिंह सारंगदेवोत एवं आत्मा परियोजना के प्रभारी परियोजना संचालक डॉ. यतिन मेहता जीरन मंडी पहुंचे और किसानों से विस्तृत चर्चा की। किसानों ने लहसुन में इस वर्ष सामने आई विभिन्न समस्याओं एवं रोगों की जानकारी दी।
वैज्ञानिकों ने किसानों को समस्याओं के संभावित कारण बताते हुए कहा कि आगामी लहसुन बुवाई से पहले विस्तृत कृषक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसमें उत्पादन तकनीक, रोग प्रबंधन, भंडारण एवं गुणवत्ता सुधार संबंधी जानकारी दी जाएगी।
वैज्ञानिकों ने किसानों को तकनीकी साहित्य एवं उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया, ताकि आगामी सीजन में बेहतर गुणवत्ता वाला उत्पादन प्राप्त किया जा सके।