चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार के कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के तत्वावधान में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” सोमवार को जिलेभर में श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ मनाया गया। जिले में मुख्य आयोजन खड़ेश्वर महादेव मंदिर एवं मातृकुंडिया मंगलेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित हुए, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्म एवं संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
यह आयोजन ईस्वी 1026 में हुए आक्रमण के एक हजार वर्ष तथा स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1951 में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के पुनः उद्घाटन के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
राष्ट्रीय स्तर का मुख्य कार्यक्रम गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर में पूजन, रुद्राभिषेक एवं विशेष श्रृंगार के साथ प्रारंभ हुआ, जिसका सीधा प्रसारण भी किया गया, जिससे आमजन इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक आयोजन से जुड़ सके।
देवस्थान विभाग द्वारा मातृकुंडिया स्थित मंगलेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में विधायक अर्जुन लाल जीनगर सहित जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं जिला प्रशासन द्वारा चित्तौड़गढ़ में खड़ेश्वर महादेव नई पुलिया पर विशेष आयोजन किया गया, जिसमें अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचंद्र खटीक, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश पुरोहित, हर्षवर्धन सिंह रूद, गौरव त्यागी, अनिल इनानी, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा, नगर परिषद आयुक्त एवं जिला पर्यटन अधिकारी विवेक जोशी सहित अनेक अधिकारी, कर्मचारी एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
कार्यक्रम में द्वादश ज्योतिर्लिंगों की जानकारी, “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व रू अखंड आस्था के 1000 वर्ष” विषय पर परिचर्चा, भजन-गायन, सामूहिक महाआरती एवं प्रसाद वितरण जैसे आयोजन हुए। साथ ही संस्कृति मंत्रालय द्वारा प्रकाशित पुस्तिका का विमोचन एवं मंत्र लेखन कार्यक्रम भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।