भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक जल्द हट सकती है। सामान्य प्रशासन विभाग नई तबादला नीति तैयार कर रहा है, जिसे जल्द कैबिनेट बैठक में पेश किया जा सकता है। संभावना है कि करीब एक महीने के लिए तबादलों से प्रतिबंध हटाया जाएगा।
नई नीति के तहत जिलों में तबादलों में प्रभारी मंत्रियों की भूमिका अहम रहने वाली है। जिला स्तर पर कोई भी स्थानांतरण सूची प्रभारी मंत्री की सहमति के बिना जारी नहीं होगी। वहीं विभागीय तबादले संबंधित विभागों के मंत्रियों के माध्यम से किए जाएंगे। सरकार की तैयारी है कि इस बार सभी तबादला आदेश ऑनलाइन जारी किए जाएं। हर संवर्ग में अधिकतम 20 प्रतिशत तक तबादले किए जा सकेंगे। प्रथम श्रेणी अधिकारियों के तबादले मुख्यमंत्री के अनुमोदन से ही होंगे।
सूत्रों के मुताबिक गंभीर बीमारी, प्रशासनिक आवश्यकता, स्वेच्छा और अन्य विशेष परिस्थितियों के आधार पर तबादलों को प्राथमिकता दी जाएगी। विधायकों की अनुशंसाओं को भी महत्व मिल सकता है। बताया जा रहा है कि आज हुई कैबिनेट बैठक में तबादलों से रोक हटाने का प्रस्ताव नहीं आ सका, लेकिन अगले कुछ दिनों में नीति को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
अगर पिछले वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2025 में तबादलों के लिए करीब डेढ़ लाख आवेदन आए थे, जबकि लगभग 60 हजार तबादलों का अनुमान लगाया गया था। राज्य में कुल 6.06 लाख नियमित कर्मचारियों में से करीब 10 प्रतिशत कर्मचारियों के तबादले प्रस्तावित थे। सबसे ज्यादा आवेदन राजस्व, स्वास्थ्य और स्कूल शिक्षा विभाग में आए थे। स्कूल शिक्षा विभाग में ही करीब 11 हजार तबादले हुए थे, जबकि 35 हजार आवेदन स्वैच्छिक तबादलों के लिए प्राप्त हुए थे। पिछली बार भोपाल से अनुमोदित कई सूचियां जिलों में अटक गई थीं और तीसरी-चौथी सूची जारी नहीं हो पाई थी। ऐसे में इस बार सरकार नई व्यवस्था के जरिए प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की तैयारी में है।