नीमच। जिले के मनासा तहसील अंतर्गत ग्राम प्रतापपुरा में खेतों तक पहुंचने वाले पीढ़ियों पुराने रास्ते को बंद किए जाने का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। रास्ता अवरुद्ध होने से किसानों की खेती पर संकट खड़ा हो गया है। परेशान किसान मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
वर्षों पुराना मार्ग बंद होने से बढ़ी परेशानी-
ग्रामीण किसानों ने बताया कि गांव से खार क्षेत्र तक जाने वाला “काराभाटा” मार्ग वर्षों पुराना गाड़ी-गडार रास्ता है, जिसका उपयोग वे अपनी कृषि भूमि तक ट्रैक्टर, बैलगाड़ी एवं कृषि उपकरण ले जाने के लिए करते रहे हैं। यह रास्ता किसानों के लिए खेती की जीवनरेखा के समान है।
जेसीबी से खुदाई कर रास्ता अवरुद्ध करने का आरोप-
आवेदन में किसानों ने आरोप लगाया कि 8 मई को कुछ लोगों द्वारा ट्रैक्टर मशीन से ड्रिलिंग कर खंभे गाड़ दिए गए तथा जेसीबी से खुदाई कर बड़े पत्थर डालकर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया। इससे खेतों तक पहुंच बाधित हो गई है और कृषि कार्य ठप पड़ गया है।
धमकी देने के भी आरोप-
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने रास्ता खोलने की बात कही तो उन्हें धमकाते हुए कहा गया कि यदि इस मार्ग से आने-जाने की कोशिश की गई तो “हाथ-पैर तोड़ दिए जाएंगे।” इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
प्रशासनिक कार्रवाई न होने से नाराजगी-
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी तहसीलदार मनासा को शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण अब उन्होंने कलेक्टर से तत्काल रास्ता खुलवाने की मांग की है।
बारिश से पहले खेती प्रभावित होने की आशंका-
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते रास्ता नहीं खोला गया तो आगामी बारिश के दौरान खेतों में बुवाई और अन्य कृषि कार्य गंभीर रूप से प्रभावित होंगे, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।