नीमच। गांधीसागर सिंचाई परियोजना के अंतर्गत चल रहे पाइपलाइन कार्य में कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला किसान का वर्षों पुराना सिंचाई कुआं धंसकर जमींदोज हो गया। घटना के बाद पीड़ित किसान ने कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर न्याय और मुआवजे की मांग की।
जेसीबी की खुदाई के बाद कुआं धंसा-
नीमच जिले की मनासा तहसील के ग्राम भाटखेड़ी निवासी संतोषबाई पति नंदकिशोर पाटीदार ने आवेदन में बताया कि जल संसाधन विभाग के तहत ठेका कंपनी “विध्य टेली लिमिटेड” द्वारा पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। पीड़िता के अनुसार 24 अप्रैल को कंपनी द्वारा जेसीबी मशीन से खेत के पास गहरी खुदाई की गई, जो कथित रूप से कुएं की दीवार के बेहद नजदीक की गई थी। इससे कुएं की नींव कमजोर हो गई और पूरा सिंचाई कुआं धंसकर नष्ट हो गया।
खेती का मुख्य साधन खत्म-
महिला किसान ने बताया कि उनके खेत में स्थित यह पक्का कुआं सिंचाई का एकमात्र साधन था, जिस पर 5 हार्सपावर की विद्युत मोटर भी स्थापित थी। कुआं धंस जाने से खेती कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ड़िता के अनुसार अब कुएं का पुनर्निर्माण आवश्यक है, जिसमें लगभग 40 लाख रुपये का खर्च आएगा।
शिकायतों के बावजूद राहत नहीं-
किसान ने आरोप लगाया कि इस संबंध में उन्होंने कई बार संबंधित कंपनी और विभागीय अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई या राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्हें कलेक्टर जनसुनवाई का सहारा लेना पड़ा।
मुआवजे और जांच की मांग-
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा विभाग एवं ठेका कंपनी की कथित लापरवाही से हुए नुकसान की भरपाई करते हुए 40 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाए।