उज्जैन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक साल से सोना नहीं खरीदने की अपील का असर बाजार में दिखाई देने लगा है। उज्जैन के प्रमुख सराफा बाजारों में सोना-चांदी की ग्राहकी में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट देखी जा रही है। इस स्थिति ने छोटे कारोबारियों को चिंता में डाल दिया है। गुरुवार को उज्जैन में सोना 157500 रुपए प्रति ग्राम बिका।
शहर के पटनी बाजार, फ्रीगंज और नयापुरा क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि बढ़ती कीमतों, अंतरराष्ट्रीय हालात और बाजार में बनी अनिश्चितता के कारण खरीदारी प्रभावित हुई है। कई व्यापारियों ने दावा किया कि आम दिनों की तुलना में सोने की बिक्री 30 से 40 प्रतिशत तक घट गई है। दोपहर 12 बजे खुलने वाले पटनी बाजार में दिनभर भीड़ रहती थी, पर तीन दिन से ऐसा नहीं है।
छोटे व्यापारियों पर बड़ा असर पड़ा
पटनी बाजार ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रशांत सोनी ने बताया कि पीएम मोदी ने हाल ही में पेट्रोल-डीजल बचाने, अनावश्यक यात्रा नहीं करने और एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की थी। इसका असर ये हुआ कि दुकानों से भीड़ गायब हो गई। सोनी ने कहा कि पहले से सोना-चांदी के भाव बढ़ने के कारण व्यापार में मंदी थी। सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी भी 6 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे सोना और महंगा हो गया है। इसका छोटे व्यापारियों पर बड़ा असर पड़ा है।
छोटी ग्राहकी कम हुई, बड़े सौदे जारी
व्यापारियों के मुताबिक सामान्य दिनों में उज्जैन के तीन बड़े बाजारों में रोजाना करीब एक किलो सोने की बिक्री होती थी, लेकिन अब खपत में उल्लेखनीय कमी आई है। छोटे और मध्यम कारोबारियों का कहना है कि बाजार में छोटी ग्राहकी कमजोर हुई है, जबकि निवेशक स्तर पर बड़े सौदे अब भी हो रहे हैं।
रि-साइक्लिंग के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए
सराफा कारोबारियों ने सुझाव दिया कि लोगों को पुराने सोने की रि-साइक्लिंग के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जिससे ग्राहकों पर नया सोना खरीदने का दबाव कम होगा और छोटे व्यापारियों का कारोबार भी चलता रहेगा। व्यापारियों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में छोटे सराफा कारोबारियों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है।