मंदसौर। जिले में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे आमजन के साथ-साथ बिजली व्यवस्था भी प्रभावित होने लगी है। तेज गर्मी और बढ़ते बिजली लोड के कारण विद्युत ट्रांसफॉर्मरों पर दबाव बढ़ गया है।
हालात ऐसे बन गए हैं कि बिजली सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए अब बड़े ट्रांसफॉर्मरों को कूलर लगाकर ठंडा रखना पड़ रहा है। मंदसौर शहर सहित जिलेभर में इन दिनों बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के लगातार उपयोग के कारण बिजली लोड में भी इजाफा हुआ है।
बढ़ते लोड और तेज तापमान के चलते ट्रांसफॉर्मरों का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंचने लगा है। बिजली कंपनी के अनुसार, कई बड़े ट्रांसफॉर्मरों में मौजूद ऑयल का तापमान 80 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे ओवरहीटिंग और आग लगने का खतरा बढ़ गया था। इसी को देखते हुए बिजली कंपनी ने विशेष इंतजाम शुरू किए हैं।
चंबल कॉलोनी 33 केवी ग्रिड पर लगाए गए कूलर-
शहर की चंबल कॉलोनी स्थित 33 केवी ग्रिड पर लगे बड़े विद्युत ट्रांसफॉर्मर को ठंडा रखने के लिए कूलर लगाए गए हैं। कूलर की हवा सीधे ट्रांसफॉर्मर के रेडिएटर पर डाली जा रही है, ताकि ऑयल का तापमान नियंत्रित रहे और बिजली सप्लाई बाधित न हो। केवल चंबल कॉलोनी ही नहीं, बल्कि नूतन स्कूल क्षेत्र सहित शहर और जिले के अन्य स्थानों पर भी, जहां बड़े सप्लाई ट्रांसफॉर्मर स्थापित हैं, वहां इस प्रकार के इंतजाम किए जा रहे हैं। कई जगहों पर कूलर के साथ टाट की बोरियों का उपयोग कर तापमान कम करने का प्रयास किया जा रहा है। ट्रांसफॉर्मरों को ठंडा रखने के लिए लगाए गए कूलर 24 घंटे लगातार संचालित किए जा रहे हैं, ताकि बिजली आपूर्ति सुचारू बनी रहे।
24 घंटे निगरानी में बिजली व्यवस्था-
तेज गर्मी के चलते बिजली कंपनी अलर्ट मोड पर काम कर रही है। ट्रांसफॉर्मरों को ठंडा रखने के लिए लगाए गए कूलर लगातार चलाए जा रहे हैं। कंपनी का उद्देश्य यह है कि गर्मी के कारण कहीं भी सप्लाई बाधित न हो और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलती रहे। एमपीईबी के अधीक्षण यंत्री योगेश आठनेरे ने बताया कि हर वर्ष बिजली लोड में वृद्धि हो रही है। इस बार भी करीब 7 से 8 प्रतिशत तक लोड बढ़ा है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तापमान अधिक होने के कारण उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त उपाय करने पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जहां भी अतिरिक्त कूलिंग की आवश्यकता महसूस होती है, वहां कूलर या टाट की बोरियों का उपयोग कर ट्रांसफॉर्मरों और अन्य विद्युत उपकरणों को ठंडा रखने का प्रयास किया जा रहा है। मंदसौर में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। दोपहर के समय बाजार और सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दे रही है। लोग गर्मी से बचने के लिए कूलर और एसी का अधिक उपयोग कर रहे हैं, जिसका सीधा असर बिजली खपत पर पड़ रहा है।