शिवपुरी। जिले के करैरा स्थित बगीचा सरकार हनुमान मंदिर में 9 मई को हुए हमले के विरोध में गुरुवार को प्रदर्शन किया गया। मंदिर के भक्तगण, भार्गव ब्राह्मण समाज और सवर्ण समाज के लोग शिवपुरी एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि मामले के मुख्य सूत्रधार का नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया गया है।
मंदिर परिसर में हुआ था हमला
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि मंदिर परिसर में हुए हमले में राजेश दुबे उर्फ भोला महाराज समेत कई लोगों पर लाठी, तलवार और सरिया जैसे हथियारों से हमला किया गया था। इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज ग्वालियर में चल रहा है।
“मुख्य आरोपी का नाम एफआईआर में नहीं”
भार्गव ब्राह्मण समाज के जिला अध्यक्ष और सवर्ण समाज के संयोजक महेश शर्मा ने आरोप लगाया कि इस घटना में राजेंद्र गिरी की मुख्य भूमिका थी, लेकिन पुलिस ने उसका नाम एफआईआर में दर्ज नहीं किया। महेश शर्मा के अनुसार, मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में राजेंद्र गिरी कथित तौर पर हमलावरों को निर्देश देते हुए दिखाई दे रहा है।
मोबाइल और अंगूठियां छीनने का भी आरोप
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि झगड़े के दौरान फरियादियों के महंगे मोबाइल फोन और सोने की अंगूठियां छीन ली गईं, जिनकी अब तक बरामदगी नहीं हो सकी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आरोपी क्षेत्र में जातीय तनाव फैलाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उसके खिलाफ पहले से कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
एसपी ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया ने प्रतिनिधिमंडल को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।